अटैची का रंग बदला, शायराना अंदाज में पढ़ा बजट:दीया कुमारी लाल बंधेज की साड़ी पहनकर पहुंचीं,बोलीं- आप देखिए, तो सही कितने सारे पन्ने हैं
कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें फिर भी दिखाया है हमने और आगे भी दिखा देंगे इन हालात में…
