करौली जिले के 105 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में “ईट राइट स्कूल इनीशिएटिव एवं हेल्दी लाइफस्टाइल कार्यक्रम” आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान और जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। इस अभियान के तहत छात्रों को मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने और संतुलित आहार अपनाने की जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रदेश में चल रहे “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को हेल्दी लाइफस्टाइल, पौष्टिक भोजन और खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों वीकेश कुमार मीना, विनोद कुमार मीना, यशवेंद चतुर्वेदी और पिंकी कुमारी ने विद्यार्थियों को कोल्ड ड्रिंक और फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले सिंथेटिक रंगों की प्राथमिक जांच, पैकेज्ड फूड के लेबल पढ़ने, लाइसेंस, सामग्री, ट्रांस फैट, नमक और चीनी की निर्धारित मात्रा की पहचान करने के तरीके भी बताए।
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि फलों को इथाईलीन गैस से पकाना भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार मान्य है, जबकि कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग अवैध और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके अतिरिक्त, खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत के लिए 181 पोर्टल पर सूचना देने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कम चीनी, कम नमक और कम तेल वाले भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

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