राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की प्रदेश में बसी कॉलोनियों में अगले तीन महीने में जमीनों की कीमतों में इजाफा होगा। बोर्ड प्रशासन इन जमीनों की आवासीय आरक्षित दरों में बढ़ोतरी करेगा। इसके लिए मुख्यालय से सभी उप-आवासन आयुक्तों और डिविजन के आवासीय अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद जमीनों की नई दरें निर्धारित करके प्रस्ताव भिजवाने के आदेश दिए हैं। ये प्रस्ताव मई महीने के अंत तक देने के लिए कहा है। इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद जुलाई से इसे लागू करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक- इसमें उन जमीनों की लागत का भी ब्यौरा मांगा है। इन पर अगले 4-5 महीने में नई स्कीम लाने की योजना है। बोर्ड प्रशासन इस साल के आखिरी तक जयपुर में जगतपुरा के आगे सिरोली, दांतली में भी योजना लाने की तैयारी कर रहा है। इस जमीन की अब तक आवासीय आरक्षित दर का निर्धारण नहीं हुआ है। इसके अलावा चौमूं स्थित अवाप्तशुदा 30 बीघा से ज्यादा जमीन, जिस पर भी योजना लाने की तैयारी है, उसकी भी आवासीय आरक्षित दर अब निर्धारित की जा सकती है। रजिस्ट्री पर दिखेगा असर राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में जमीनों की आरक्षित दर का सबसे ज्यादा प्रभाव पुराने और हाल ही आवंटित आवास (स्वतंत्र मकान, फ्लैट), जमीनों पर होने वाली रजिस्ट्री पर देखने को मिलेगा। बोर्ड में ज्यादातर मामले पुराने मकानों के नियमि​तिकरण और उनकी रजिस्ट्री के आते हैं। पहले आवंटित मकानों पर नहीं होगा असर जिन आवासों का आवंटन पहले हो चुका है, वहीं उनके आवंटी ने अब तक पूरे रुपए नहीं जमा करवाए हैं। ऐसे आवंटियों पर इस बढ़ोतरी का असर नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर किसी आवास का आवंटन जनवरी 2026 में हुआ है और उसकी लागत निर्धारित करके आवंटी को मांगपत्र (डिमांड लेटर) जारी कर दिया है। उस आवंटी ने अब तक इस मांग राशि को जमा नहीं करवाया है तो ऐसे मामले में बढ़ी हुई जमीनों की कीमतों उस पर लागू नहीं होगी।