जयपुर में भक्तों के लिए विशेष महत्व रखने वाले पवित्र कार्तिक मास का गुप्त वृन्दावन धाम में भव्य शुभारंभ हुआ। संध्या होते ही पूरा मंदिर हजारों दीपकों की रोशनी से जगमगा उठा। इस दौरान भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण-बलराम की आरती की और दीपदान कर सुख-समृद्धि एवं भगवान की कृपा की कामना की। कार्तिक मास को दामोदर मास भी कहा जाता है। इस अवसर पर गुप्त वृन्दावन धाम में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और माता यशोदा द्वारा उन्हें रस्सी से बांधने की लीला पर आधारित आकर्षक झांकी सजाई गई है। इस झांकी को भक्तों ने मिलकर एक महीने में तैयार किया है। कार्तिक मास के अवसर पर पूरे मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। महीनेभर होगी कृष्ण भक्ति, दामोदराष्टकम् का पाठ कार्तिक मास भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस दौरान भक्त भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए पूरे महीने दामोदराष्टकम् का पाठ करते हैं। गुप्त वृन्दावन धाम में भी महीनेभर धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मंदिर में 12 दिवसीय कथा के साथ ब्रज चौरासी कोस की तीन यात्राओं का आयोजन भी किया गया है। इन आयोजनों के माध्यम से भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और ब्रज की धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। 9 नवंबर को जयपुरवासी कर सकेंगे प्रमुख विग्रहों के दर्शन कार्तिक मास के दौरान 9 नवंबर को विशेष यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसमें जयपुर के प्रमुख विग्रहों के दर्शन शहरवासियों को करवाए जाएंगे, जो वृंदावन से आए हैं। इस आयोजन को लेकर भक्तों में उत्साह है। कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास में सुबह स्नान, तुलसी पूजन और संध्या के समय तुलसी के पास दीपक जलाना यानी दीपदान करना शुभ एवं पुण्यकारी माना जाता है। इस पूरे महीने भक्त पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करते हैं। गुप्त वृन्दावन धाम में कार्तिक मास के शुभारंभ के साथ ही मंदिर में भक्ति और उत्सव का माहौल बन गया है। हजारों दीपकों की रोशनी, दामोदर लीला की झांकी और महीनेभर चलने वाले धार्मिक आयोजन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।