सीकर‌ में श्रीकल्याण धाम मंदिर के पास स्थित पुराने माधव स्कूल का कैंपस कल्याण मंदिर को हैंडओवर बरकरार रहेगा। सुप्रीम‌ कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है। राज्य सरकार ने मंदिर पक्ष के पक्ष में आए फैसले के विरुद्ध रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) दायर किया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। साथ ही मंदिर पक्ष के पक्ष में दिए गए फैसले‌ को यथावत बरकरार रखा है। गौरतलब है कि श्रीकल्याण धाम मंदिर से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट मंदिर पक्ष के अधिकारों को स्वीकार करते हुए फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए रिव्यू पिटीशन दायर की थी। कोर्ट ने कहा- पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि पहले दिए गए फैसले में किसी प्रकार के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया गया। साथ ही मंदिर के पक्ष में दिया गया फैसला पूर्ण रूप से प्रभावी व यथावत बना हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश की पालना में शिक्षा विभाग को मंदिर परिसर के एक कमरे में रखा विद्यालय का सामान तय समय में हटाकर परिसर का पूरा कब्जा मंदिर पक्ष को सौंपने तथा जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर को कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद मंदिर पक्ष और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य, न्याय व कानून के शासन की जीत बताया है। श्रीकल्याण धाम मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार आ रहे आदेशों से मंदिर के अधिकारों पर न्यायिक मुहर मजबूत हुई है।