जयपुर में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय महाठग गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने पकड़ा। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कुख्यात आरोपी सचिन कुमार उर्फ आच्चू (27) पुत्र मंपा सांसी निवासी बड़सी जिला भिवानी (हरियाणा) और सुरेंद्र सांसी (42) पुत्र गज्जे सिंह निवासी थुराना जिला हांसी (हरियाणा) को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने करीब 250 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से पीछा कर आरोपियों को दबोचा। दोनों आरोपी साल 2019 से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एटीएम ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने करीब 500 वारदातें करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन से अधिक एटीएम-डेबिट कार्ड, वारदात में शामिल मोटरसाइकिल और नकद राशि बरामद की है। एटीएम कार्ड बदलकर उड़ाए जाते थे रुपए डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- 8 जून को परिवादी मदन सिंह मीणा बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम (दादी का फाटक अंडरपास बैनाड़ रोड) से रुपए निकालने गए थे। इसी दौरान दो युवक एटीएम बूथ में आए और बातचीत में उलझाकर उनका एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड बदल लिया। बाद में उसी कार्ड से खाते से रुपए निकाल लिए गए। इस संबंध में झोटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। 900 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद मिली सफलता मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित रूट पर लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। पुराने एटीएम ठगों का डेटा खंगाला गया। तकनीकी विश्लेषण किया गया और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। लगातार निगरानी के बाद 15 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी सचिन कुमार ने बताया- गैंग का संचालन मैं करता था। गैंग का नाम “SS सांसी हांसी हिसार” रखा था। इसमें “S” से सचिन और “S” से सुरेंद्र का नाम शामिल है। आरोपी पहले तय करते थे कि किसी शहर में जाकर कम से कम चार से पांच वारदातें करनी हैं। वे एटीएम बूथों के आसपास रेकी करते और आसान शिकार की तलाश करते थे। वारदात के बाद ऐसे बचते थे पुलिस से आरोपी वारदात के बाद मुख्य सड़कों से बचते हुए गलियों के रास्ते निकलते थे। मोटरसाइकिल को बस स्टैंड या सिटी कैंप की पार्किंग में खड़ा कर सरकारी बस से अपने गांव लौट जाते थे। इससे पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सके। पांच राज्यों में फैला था नेटवर्क पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 500 एटीएम ठगी की वारदातें की हैं। कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से इस गैंग की तलाश कर रही थी।