सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों को लेकर साझा मुलाजिम मंच पंजाब की तरनतारन जिला इकाई ने तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री द्वारा बैठक का समय देने के बावजूद मुलाकात न करने के विरोध में मंच ने लगातार दूसरे दिन भी पंजाब सरकार का पुतला फूंकने की घोषणा की है। इससे पहले 27 अगस्त 2026 को एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में आयोजित रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए पुतला दहन किया था। मुख्यमंत्री द्वारा बैठक न करने से कर्मचारियों में रोष जिला तरनतारन के संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने बताया कि साझा मुलाजिम मंच ने अपनी मांगों के संबंध में सरकार को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनके अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री ने पहले चंडीगढ़ और फिर जालंधर में बैठक का समय तय किया था, लेकिन दोनों ही बार बैठकें रद्द कर दी गईं। इसके विपरीत, कर्मचारियों को एक कथित धमकी भरा पत्र जारी किया गया, जिसकी मंच की जिला इकाई ने कड़े शब्दों में निंदा की है। इसी टालमटोल के विरोध में साझा मुलाजिम मंच पंजाब (चंडीगढ़) के आह्वान पर आज, 28 अगस्त 2026 को भी सरकार का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। मांगें न मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी रैली को संबोधित करते हुए जनरल सेक्रेटरी अंग्रेज सिंह रंधावा और पीएसएमएस (PSMS) यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट तरसेम सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। संयोजक सुखप्रीत सिंह पन्नू ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, मिड-डे मील और आशा कार्यकर्ताओं की इन जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो तरनतारन जिले में मंच द्वारा आगामी कड़े एक्शन प्रोग्राम के तहत आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
