जालोर-सिरोही से सांसद लुम्बाराम चौधरी को संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों का चयन किया गया है, जिनमें कई बड़े और अनुभवी राजनेता शामिल हैं। इन्हीं में सांसद लुम्बाराम चौधरी का भी नाम है। यह पुरस्कार जालोर-सिरोही के इतिहास में पहली बार मिल रहा है। चयन समिति के अनुसार संसद में सक्रिय भागीदारी, जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने पर सांसद को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। साल 2010 में हुई थी शुरुआत
संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत साल 2010 में हुई थी और यह पुरस्कार उन सांसदों को दिए जाते हैं, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने के लिए संसद में एक्टिव रहते हैं। इसका उद्देश्य सांसदों को प्रोत्साहित करना और जनता के बीच संसदीय कार्यवाही को लोकप्रिय बनाना है। ये पुरस्कार संसद में सक्रियता, बहस में भागीदारी, प्रश्न पूछने और विधायी कामकाज में योगदान के आधार पर प्राइम पॉइंट फाउंडेशन की तरफ से दिया जाता है। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के सुझाव पर इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। उनका कहना था कि जो सांसद अच्छा करते हैं, जो बिना किसी बाधा के बहस और नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए। चुने गए इन सभी विजेताओं को आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि लोकसभा में सांसद चौधरी की 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में 100 प्रतिशत, शीतकालीन सत्र 2024 में 100 प्रतिशत, बजट सत्र 18वीं लोकसभा 2024 में 100 प्रतिशत, बजट सत्र 2025 में 92 प्रतिशत, शीतकालीन सत्र 2025 में 93 प्रतिशत, मॉनसून सत्र 2025 में 100 प्रतिशत, बजट सत्र 2026 में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही। इसी तरह चौधरी ने लोकसभा में कुल 3 बिल पेश किए। साथ ही कुल 246 प्रश्न व 36 डिबेट में भी भाग लिया था।
