राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत स्टूडेंट्स की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जाएगी। स्कूल प्रिंसिपल की अनुमति के बाद ही स्कूल में प्रवेश मिल सकेगा। साथ ही रजिस्टर में एंट्री करना भी अनिवार्य किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रिंसिपल और संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अधिकृत अधिकारी ही परिसर में आ सकेंगे। वहीं बिना प्रिंसिपल की अनुमति के कोई भी व्यक्ति वीडियो-फोटो नहीं बना सकेगा। अब 4 पॉइंट में समझिए पूरा आदेश 1. हर आगंतुक को करनी होगी रजिस्टर में एंट्री
स्कूल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रवेश से पहले विजिटर रजिस्टर में एंट्री करनी होगी। बाहरी व्यक्ति प्रिंसिपल, शिक्षक या अधिकृत स्कूल अधिकारी के साथ के बिना कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, शौचालय अथवा स्टूडेंट्स की गतिविधियों वाले क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। 2. फोटो-वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक
प्रिंसिपल की पूर्व लिखित अनुमति के बिना विद्यार्थियों, शिक्षकों या स्कूल की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी। स्टूडेंट्स की फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह या प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा, जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो। 3. नियम तोड़ने पर इन कानूनों के तहत कार्रवाई
आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करता है। परिसर छोड़ने से इनकार करता है, अनधिकृत फोटो-वीडियोग्राफी का प्रयास करता है या स्कूल के कामकाज में बाधा डालता है तो प्रधानाचार्य तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना देंगे। मामले की परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की जा सकती है। 4. सुरक्षा को खतरा होने पर प्रवेश से इनकार
प्रिंसिपल ऐसे किसी आगंतुक को एंट्री से मना कर सकते हैं, जिसकी मौजूदगी से स्कूल की सुरक्षा, स्टूडेंट्स की निजता, अनुशासन या शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका हो। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस की सहायता से बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर से बाहर भी कराया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों और संस्था प्रधानों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने स्टूडेंट्स की सुरक्षा और निजता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।