श्रीगंगानगर विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को सुखाड़िया सर्किल स्थित रामलीला मैदान में 75वां विजय दशमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्री सनातन धर्म महावीर दल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नशाखोरी के प्रतीकात्मक पुतले भी फूंके गए। कार्यक्रम में रावण दहन आकर्षण का केंद्र रहा। 70 फीट के रावण के पुतले का दहन हुआ। रावण की आंखों से अंगारे बरसे और नाभि में आकर्षक अशोक चक्र चला। कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 65-65 फीट के बनाए गए थे। पुतलों के दहन के दौरान मैदान आतिशबाजी की गूंज से गूंज उठा। रावण के पुतले को पारंपरिक राजस्थानी धोती पहनाई गई थी और पैरों में आकर्षक जूतियां पहनाई गई थीं। राम-रावण के बीच युद्ध के बाद हुआ दहन श्री हनुमान राम नाटक समिति के स्वरूप भगवान श्रीराम और लंकापति रावण रथ पर सवार होकर बैंड-बाजों तथा महावीर दल की सेना के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचे। यहां राम और रावण की सेना के बीच युद्ध का मंचन हुआ। अतिथियों ने ध्वज पूजन किया, जिसके बाद लंकापति रावण की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात हनुमानजी ने लंका दहन किया। भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण ने मेघनाद और भगवान श्रीराम ने कुंभकर्ण व रावण के पुतलों का दहन किया। बुराइयों के खिलाफ दिया संदेश महोत्सव में रावण की लंका के साथ भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नशाखोरी के पुतलों का दहन कर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संदेश दिया गया। आयोजन में रंगीन आतिशबाजी के विशेष प्रबंध किए गए थे।
