बाड़मेर में पांच दिवसीय दीपोत्सव के दूसरे दिन रूप चौदस को मार्केट में जमकर खरीददारी हुई। सुबह से ही बाजारों में ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। दोपहर के समय मुख्य सड़कों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। रात को पूरा शहर रंग-बिरंगी से रोशन नजर आया। सरकारी ऑफिस, घर, मुख्य सर्किलों पर सजावटी रंग-बिरंगी झालरें लगाई गई। लाइट्स व दीप का क्रेज सजावटी सामान, रंग-बिरंगी झालरें और पूजा सामग्री की दुकानों पर खासी चहल-पहल रही। इस बार पारंपरिक मिट्टी के दीपकों का क्रेज विशेष रूप से देखने को मिला। इस दौरान रंग-बिरंगी लाइट्स का सामान सजा कर रखा गया था। बाजार में जगह पड़ी कम रेलवे स्टेशन से लेकर गांधी चौक, ढाणी बाजार तक करीब 1 किमी में शुक्रवार को धनतेरस पर मेले सा माहौल रहा। सड़कों पर इतनी भीड़ थी कि पैर रखने के लिए जगह नहीं मिली रही थी। धनतेरस पर किराणा सामान, कपड़े, मोबाइल, ज्वैलरी खरीदने को लेकर रही। इस वजह से लोग सुबह से ही बाजार पहुंच गए थे। मॉल और हैंडलूम में भी ज्यादा भीड़ रही। एक्स्ट्रा काउंटर लगाकर बिल काटे गए।
