सीकर की ACD कोर्ट ने 2 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले पटवारी को 4 साल की जेल और 35 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। नामांतरण दर्ज करने के नाम पर आरोपी पटवारी ने 2 हजार रुपए की रिश्वत ली थी। फैसला जज अखिलेश कुमार ने सुनाया। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मुकेश कुमार सिर्वा ने बताया- आरोपी पटवारी ओमप्रकाश (59) पुत्र दौलाराम को कोर्ट ने 4 साल के कठोर कारावास और 35 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दरअसल 16 अप्रैल 2015 को परिवादी ने सीकर एसीबी ऑफिस में शिकायत दी। इसमें उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदार ने जमीन खरीदी थी। रिश्तेदार विदेश में था। ऐसे में उसने परिवादी को कॉल करके नामांतरण दर्ज करवाने के लिए कहा। 500 रुपए पहले लिए, 2000 लेते रंगे हाथ पकड़ा था पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मुकेश कुमार सिर्वा ने बताया- पटवारी ओमप्रकाश ने नामांतरण दर्ज करवाने के नाम पर 2500 रुपए की डिमांड की। इसमें से 500 रुपए तो पहले ले लिए और 2 हजार बाद में देने को कहा। परिवादी ने यह बात अपने रिश्तेदार को बताई तो उसने पैसे देने के लिए मना कर दिया। पटवारी को एसीबी से पकड़वाने के लिए कहा। शिकायत का सत्यापन करते हुए एसीबी टीम ने आरोपी पटवारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष के द्वारा 13 गवाह, 34 दस्तावेज साक्ष्य पेश किए गए। इसके आधार पर अब कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने टिप्पणी की है कि वर्तमान में भ्रष्टाचार के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। यदि आरोपी के प्रति नरमी का रुख अपनाया जाता है तो इससे समाज में गलत संदेश प्रसारित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
