राजस्थान में गैस सप्लाई प्रभावित होने से कई रेस्टोरेंट ने मेन्यू में कटौती कर दी है। जयपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों और ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगी हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में इलेक्ट्रिक चूल्हे इस्तेमाल किए जाने लगे हैं। कोटा में हॉस्टल के मेस में लकड़ी और कोयले की भटि्ठयों पर खाना बनने लगा है। कांग्रेस की ओर से जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। सड़क पर लकड़ी से चूल्हा जलाकर चाय, रोटी और सब्जी बनाई। जयपुर में कांग्रेस ने सिलेंडर की शवयात्रा निकाली। रसोई गैस की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने केरोसिन का वितरण करने का प्लान किया है। सभी राज्यों को केरोसिन का आवंटन किया है। राजस्थान को 29 लाख 28 हजार लीटर का आवंटन किया गया है। इधर, तेल कंपनियों ने ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर का 45 दिन का बुकिंग सिस्टम शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र में 25 दिन का टाइम पीरियड है। जयपुर में जिला रसद अधिकारी की टीम ने सांगानेर में घरेलू से कॉमर्शियल सिलेंडर की अवैध रिफिलिंग करने पर कार्रवाई की। इस दौरान 80 घरेलू सिलेंडर जब्त किए। नागौर शहर में थड़ियों और छोटी दुकानों पर 15 रुपए में मिलने वाली चाय अब 20 रुपए की हो गई है। श्रीगंगानगर में लोगों ने डीजल और केरोसिन वाले पुराने स्टोव काम में लेना शुरू कर दिया है। देखिए- राजस्थान में गैस संकट से जुड़ी PHOTOS… … यह खबर भी पढ़ें… गैस खत्म, इलेक्ट्रिक चूल्हा भी नहीं मिल रहा, खाना महंगा:राजस्थान में सिलेंडर संकट; हजारों होटल-रेस्टोरेंट कर्मचारियों की नौकरी जाने की आशंका … गैस संकट की पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…
