मोहाली की बलौंगी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घरों में ताले तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिसिया घेराबंदी के दौरान गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तारी से बचने के लिए छत से कूदकर भागने का प्रयास कर रहा था, जिससे उसकी टांग टूट गई। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए भेजा। आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहने और अन्य सामान बरामद किया गया है। विशेष अभियान के तहत हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी डीएसपी खरड़-1 ईशान सिंगला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि थाना बलौंगी के एसएचओ इंस्पेक्टर पैरीविंकल ग्रेवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम असामाजिक तत्वों और चोरों के खिलाफ एक विशेष अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने बीते दिनों 5 जून 2026 को थाना बलौंगी में दर्ज मुकदमा नंबर 155 के सिलसिले में कार्रवाई करते हुए शुभम (निवासी मलोया, चंडीगढ़) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद यूपी के दो और शातिर चोर गिरफ्तार मुख्य आरोपी शुभम से कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के दो अन्य सदस्यों विजय सिंह उर्फ छोटा मंडी और राहुल सिंह को भी मामले में नामजद कर दबोच लिया। ये दोनों आरोपी मूल रूप से प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और वर्तमान में मलोया (चंडीगढ़) में छिपकर रह रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी के गहनों से भरा एक बैग और कुछ नकली ज्वेलरी बरामद की गई है। चोरी की कई वारदातों को कबूला, बरामद हुआ सामान पुलिस रिमांड के दौरान सघन जांच में आरोपियों ने मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। आरोपियों ने माना कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 मार्च को राजीव कॉलोनी (बढ़माजरा) और 12 अप्रैल को जुझार नगर में बंद घरों के ताले तोड़कर बड़ी चोरियां की थीं। इन मामलों में थाना बलौंगी में पहले से ही मुकदमा नंबर 98 और 117 दर्ज हैं। 10 जून को पुलिस ने तीनों को मुकदमा नंबर 98 में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद 14 जून को आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की एक सोने की चेन, तीन जोड़ी चांदी की पायलें, एक चांदी की चेन, एक चांदी की अंगूठी और अन्य कीमती सामान बरामद कर लिया गया। अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा शुक्रवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद तीनों आरोपियों को खरड़ की माननीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और बरामदगी को देखते हुए तीनों आरोपियों को 14 दिन के ज्यूडिशियल रिमांड (न्यायिक हिरासत) पर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं। एसएचओ पैरीविंकल ग्रेवाल ने बताया कि इस गिरोह के कुछ अन्य साथी अभी फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।