जोधपुर में मारवाड़ महोत्सव में लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं का रंग देखने को मिला। BSF के ऊंट दस्ते ने शानदार करतब दिखाकर दर्शकों का ध्यान खींचा, वहीं सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। मूंछ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे प्रतिभागियों ने भी महोत्सव के आकर्षण को बढ़ाया। शनिवार को जोधपुर में दो दिवसीय मारवाड़ महोत्सव–2026 का विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित महोत्सव के पहले दिन हेरिटेज वॉक, शोभायात्रा, पारंपरिक प्रतियोगिताओं एवं भव्य सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत के विविध स्वरूप देखने को मिले। दिन में मेहरानगढ़ दुर्ग से क्लॉक टावर तक हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। क्लॉक टावर से राजकीय उम्मेद स्टेडियम तक निकाली गई शोभायात्रा में मारवाड़ की लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली। राजकीय उम्मेद स्टेडियम में आयोजित विभिन्न पारंपरिक प्रतियोगिताएं महोत्सव का विशेष आकर्षण रहीं। मूंछ प्रतियोगिता, साफा बांधने, मिस मारवाड़, मारवाड़ श्री, रस्साकशी एवं मटका दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से क्षेत्र की पारंपरिक वेशभूषा, व्यक्तित्व, कौशल एवं लोक जीवन के विविध रंग सामने आए। साफा बांधने एवं मूंछ प्रतियोगिता का हुआ आयोजन इन प्रतियोगिताओं ने मारवाड़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी परंपराओं को मंच प्रदान किया। साफा बांधने और मूंछ प्रतियोगिता में जहां क्षेत्र की विशिष्ट पहचान दिखाई दी, वहीं रस्साकशी और मटका दौड़ ने आयोजन में खेल एवं मनोरंजन का रंग जोड़ा। मिस मारवाड़ और मारवाड़ श्री प्रतियोगिताओं के माध्यम से पारंपरिक संस्कृति एवं वेशभूषा का आकर्षण भी देखने को मिला। सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखला में सम्राट अशोक उद्यान में भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। लोक कलाकारों एवं इंडियन आइडल फेम पियूष पंवार ने अपनी प्रस्तुतियों से संध्या को संगीतमय बनाया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों में राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता एवं मारवाड़ की समृद्ध संगीत परंपरा की झलक दिखाई दी। 25 अक्टूबर को ओसियां के धोरों पर होंगे आयोजन महोत्सव के दूसरे दिन रविवार, 25 अक्टूबर को ओसियां में लोक संस्कृति और मरुस्थलीय पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह शोभायात्रा और दोपहर में ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं होंगी। ओसियां के रेतीले धोरों पर पतंग प्रदर्शन एवं पतंगबाजी, कैमल सफारी तथा फूड एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
