पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि आयोग राज्य के प्रत्येक नागरिक के मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए आयोग लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। शनिवार को जगराओं के पीस पब्लिक स्कूल, मुल्लांपुर दाखा और सनमती गवर्नमेंट साइंस एंड रिसर्च कॉलेज में आयोजित ‘ओपन हियरिंग कैंप’ की अध्यक्षता करते हुए शंटी ने प्रशासनिक अधिकारियों व गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सनमती कॉलेज में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। बकाया बिल के लिए पार्थिव शरीर नहीं रोक सकते अस्पताल पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने पंजाब सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए अस्पतालों के लिए कड़े निर्देश जारी किए। कोई भी अस्पताल इलाज के बकाया बिल के कारण मृतक का शव नहीं रोक सकता। अस्पतालों को तुरंत परिजनों को पार्थिव शरीर सौंपना होगा। यदि कोई मरीज इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है, तो उससे आवश्यक घोषणा पत्र (Declaration) लेकर उपचार के बाद छुट्टी दी जानी चाहिए। 20 से अधिक बेड वाले सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में मॉर्चरी (शवगृह) और एंबुलेंस की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। व्हाट्सएप हेल्पलाइन 98554-75547 जारी, शिकायतों में भारी बढ़ोतरी शंटी ने बताया कि आयोग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियानों के कारण अब लोग अपने अधिकारों के प्रति सतर्क हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि आयोग को प्रतिदिन मिलने वाली शिकायतों की संख्या 10-15 से बढ़कर अब लगभग 500 तक पहुँच गई है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में आम जनता की सुविधा के लिए आयोग ने व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर (98554-75547) जारी किया है, जिसके जरिए नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर समयबद्ध कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी जिलों में अधिवक्ताओं, डॉक्टरों और सेवानिवृत्त अधिकारियों को शामिल कर 10 से 15 सदस्यों वाले कोर ग्रुप गठित किए गए हैं। अवैध इमीग्रेशन सेंटरों पर कसेगा शिकंजा विदेश भेजने के नाम पर युवाओं से हो रही ठगी पर चिंता जताते हुए शंटी ने कहा कि फर्जी व अवैध रूप से चल रहे इमीग्रेशन सेंटरों पर जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाखों रुपये ऐंठकर फरार होने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण और एंबुलेंस को मिलेगा पुलिस सहयोग सफाई कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी: आयोग ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी सफाई कर्मचारियों को बीमा कवर, सुरक्षा उपकरण (Safety Gear), कैप, जूते और सैनिटाइजर जैसी बुनियादी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा। एंबुलेंस पायलट सिस्टम: आपातकालीन स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुँचाने के लिए ‘एंबुलेंस पायलट सिस्टम’ लागू करने की सिफारिश की गई है। 112 नंबर पर सूचना मिलते ही नजदीकी पुलिस वाहन एंबुलेंस के आगे चलकर उसे प्राथमिकता से रास्ता दिलाएगा। प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य रहे उपस्थित ओपन हियरिंग कैंप के दौरान अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) डॉ. नरेंद्र सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर मनजीत सिंह चीमा, एसडीएम जगराओं बादल दीन, डीएसपी मुल्लांपुर करन सिंह संधू और डीएसपी सिटी जसविंदर सिंह ढींढसा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। पद्मश्री शंटी ने सामाजिक संस्थाओं व एनजीओ से मानवाधिकार आयोग की “आंख और कान” बनकर समाज के पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने की अपील की।
