बेटे को फूल की तरह पाला था, कभी एक चांटा भी नहीं मारा। उसे अंधेरे से डर लगता था, वह घर से दूर क्यों जाएगा। पुलिस कहती है घर चले जाओ, काम-धंधा करो। घर जाते हैं तो उसके खिलौने, उसकी साइकिल देखकर रोना आ जाता है। 3 साल से दिवाली नहीं मनाई। बेटा तो लौटेगा नहीं, कम से कम उसका हत्यारा तो पकड़ा जाए। यह दर्द है उस मां का, जिसके 15 साल के बेटे की करीब सवा तीन साल पहले तालाब में लाश मिली थी। माता-पिता को आशंका है कि उनके बेटे अमृत की हत्या हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मां और नानी 5 अक्टूबर से जालोर कलेक्ट्रेट के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी हैं। भैंसवाड़ा (आहोर) निवासी मां रति देवी (50) रोते हुए कहती हैं- ‘इससे अच्छा तो हमें भी मौत आ जाए। परिवार की पुलिस प्रशासन से गुहार है कि हत्याकांड का खुलासा किया जाए।’ वहीं पिता चौपाराम कहते हैं- ‘तालाब में घुटने के बल बैठी हुई उसकी लाश मिली थी। चेहरे पर घाव थे। उसकी किसी ने हत्या की है। ये डूबने का केस नहीं है।’ इधर, जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने कहा- मामले की जांच की जा रही है। अभी तक मर्डर जैसा कुछ नहीं लग रहा है। अभी और टीम लगाकर इसकी फिर से जांच शुरू की जाएगी। अब देखिए, ये 3 तस्वीरें… पढ़िए, सवा 3 साल पहले हुए मर्डर की कहानी… मन्नत के बाद हुआ था बेटा मां रति देवी ने बताया कि मेरी शादी आहोर क्षेत्र के भैंसवाड़ा में हुई थी। पति चौपाराम खेती करते हैं। हमारे कोई बच्चा नहीं था। हमारी आस्था बाबा रामदेव पर है। हमने मन्नत मांगी। शादी के 18 साल बाद अमृत हुआ था। बड़े प्यार से उसे पाला और उसकी हर इच्छा पूरी करते थे। पिता उस पर गुस्सा करते तो मैं डांट देती थी। बारात में गया था, तालाब में मिली लाश मां ने बताया- वो सबसे बुरा दिन था। 27 जून 2023 को अमृत रिश्तेदार की बारात में शामिल होने भैंसवाड़ा से खारा गांव गया था। 28 जून की रात करीब 8 बजे से वह बारात से लापता हो गया। उसे बहुत ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अमृत को आखिरी बार बारात में हमारे रिश्तेदार सेकाराम देवासी के साथ देखा गया था। 29 जून को शादी वाले घर से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित तालाब में उसका शव मिला। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव का पोस्टमॉर्टम करवाया था। 29 जून 2023 को हत्या का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन सवा तीन साल बीत जाने के बाद भी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। परिवार अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहा है। 3 साल से दिवाली नहीं मनाई मां रति देवी ने कहा- बेटे की मौत के बाद परिवार की जिंदगी सूनी हो गई है। घर में उसके कपड़े, खिलौने और साइकिल देखकर याद आती है और हम रोने लगते हैं। बेटे के बिना घर काटने को दौड़ता है। दीपावली पर अमृत पटाखे और मिठाई लाने की जिद करता था, लेकिन उसकी मौत के बाद 3 साल से दीपावली नहीं मनाई। रति देवी ने आशंका जताई कि उनके बेटे की हत्या कर शव तालाब में फेंका गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि अमृत के शरीर में अल्कोहल होने की जानकारी सामने आई है। तालाब में घुटनों के बल बैठे मिला था शव पिता चौपाराम ने बताया कि बेटे का शव मिलने के समय उसकी हालत देखकर परिवार सदमे में आ गया था। शव तालाब के पानी में घुटनों के बल बैठा हुआ मिला था। उसके नाक और मुंह पर घाव लगे थे। वहीं मां रति देवी का आरोप है कि कंधे से उसका हाथ भी टूटा हुआ था। परिवार को समझाने पहुंचे पुलिस अफसर डीएसपी गौतम जैन, आहोर थानाधिकारी करण सिंह और जालोर कोतवाली थानाधिकारी रामेश्वरलाल भाटी शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने त्योहारों का हवाला देते हुए परिजनों से समझाइश की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ सबूत मिलने पर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। सीएम और मंत्री से भी लगाई थी गुहार इस मामले में तत्कालीन एएसपी रतन देवासी, पाली डीएसपी नरेंद्र सिंह देवड़ा, जैसलमेर डीएसपी राजूराम, जालोर एएसपी मोटाराम गोदारा समेत कई पुलिस अधिकारियों ने जांच की थी। पिछले तीन साल में पीड़ित परिवार ने पाली रेंज आईजी ओम प्रकाश मेघवाल, जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार और जोधपुर रेंज आईजी राजेश कुमार मीणा से मिलकर ज्ञापन दिया था। करीब डेढ़ साल पहले मंत्री ओटाराम देवासी के साथ सीएम भजनलाल शर्मा को मिलकर ज्ञापन दिया था।