बठिंडा शहर की नई बस्ती इलाके में जगराते में गए परिवार के घर से सोने-चांदी के गहने और नकदी चोरी के आरोपी को थाना कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजेश कुमार उर्फ राजू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसने घर के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका देखकर परिवार के घर पर नहीं होने का अंदाजा लगाया और चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने चोरी हुए 88 ग्राम सोना, 32 तोले चांदी और नकदी की बरामद की है। जगराते में गया था परिवार, पीछे से हुई चोरी थाना कोतवाली के इंचार्ज इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह ने बताया कि वारदात 19 अक्टूबर की रात की है। नई बस्ती निवासी अरुण कुमार अपने परिवार के साथ जगराते में गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी ने उनके घर को निशाना बनाया। घर से करीब 88 ग्राम सोना, 32 तोले चांदी और 16 हजार 700 रुपए नकद चोरी कर लिए गए। परिवार की शिकायत पर थाना कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा नंबर 247 दर्ज कर जांच शुरू की। एक सोने की अंगूठी अब भी बरामद नहीं जांच के दौरान पुलिस ने राजेश कुमार उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से नई बस्ती की गली नंबर 6 का निवासी है और फिलहाल अमरपुरा बस्ती में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, चोरी हुए सामान में से एक सोने की अंगूठी को छोड़कर बाकी सोना बरामद कर लिया गया है। चांदी भी लगभग पूरी बरामद हो चुकी है। चोरी किए गए 16 हजार 700 रुपए की नकदी में से 10 हजार रुपए बरामद हुए हैं। पुलिस बाकी सामान और गायब अंगूठी की तलाश कर रही है। चोरी और एनडीपीएस के 9 मामले दर्ज पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले से 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें ज्यादातर चोरी और कुछ मामले एनडीपीएस एक्ट से संबंधित हैं। आरोपी एनडीपीएस के एक मामले में बठिंडा जेल में 10 साल की सजा भी काट चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे घरों को निशाना बनाता था, जिनके बाहर ताला देखकर मकान खाली होने का अंदाजा लगाया जा सकता था। चोरी के गहने खरीदने वालों पर भी नजर पुलिस गायब सोने की अंगूठी का पता लगाने में जुटी है। साथ ही सुनारों को भी सतर्क किया गया है कि बिना उचित दस्तावेजों के संदिग्ध गहने खरीदने से बचें। चोरी का सामान खरीदने का मामला सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घर से बाहर जाते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें और ऐसी लापरवाही न बरतें, जिससे घर खाली होने का आसानी से पता चल सके।
