पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को बटाला के विश्व मित्र सेखड़ी कॉलेज में एक विशेष समारोह के दौरान शिरकत की। जहां उन्होंने शिक्षा के महत्व और राज्य में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त की।
राज्यपाल ने कहा कि पंजाब पूरी दुनिया का पेट भरता है और सीमाओं की रक्षा करता है। उसकी युवा पीढ़ी को इस नामुराद बीमारी से बचाना हम सबका कर्तव्य है। ये पूरे पंजाब को चुनौती है कि हमारे बाप-दादा ने अपना सर देकर पंजाब ही नहीं देश को बचाया। इसलिए हम सब यहां जिंदा हैं नहीं तो किसी का नामो-निशान नहीं मिलता। नशे के विरुद्ध जंग किसी एक व्यक्ति या पार्टी की नहीं
नशे के मुद्दे पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनके आज यहां आने का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त पंजाब और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के अभियान को बढ़ावा देना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के विरुद्ध जंग किसी एक व्यक्ति, राज्यपाल या किसी खास पार्टी की नहीं है।
इस अभियान को सभी पंजाबियों का साझा अभियान बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि हम इसे केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे छोड़ देंगे, तो सफलता मिलनी मुश्किल है। पाकिस्तान भेज रहा पंजाब में नशा
पाकिस्तान द्वारा ड्रोनों के माध्यम से हो रही नशे की तस्करी के बारे में बोलते राज्यपाल ने कहा कि पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी सीमा एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने जानकारी दी कि बीएसएफ, सेना और पंजाब पुलिस मिलकर काम कर रही हैं। कई तस्करों को पकड़ा गया है और उनकी संपत्तियां जब्त की गई हैं। केंद्र सरकार ने मुहैया करवाए एंटी-ड्रोन सिस्टम
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा एंटी-ड्रोन सिस्टम मुहैया करवाए गए हैं और राज्य सरकार ने भी इसके लिए 10 करोड़ रुपये का फंड दिया है। राज्यपाल ने अश्वनी सेखड़ी द्वारा अपने पिता विश्व मित्र की याद में 2003 से चलाए जा रहे इस शिक्षण संस्थान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान के लिए ही नहीं, बल्कि जब यह संस्कारों से जुड़ती है तो और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बताया कि यहां से हज़ारों बच्चों ने शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर देश की सेवा में अपना योगदान दिया है।

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