नशे के बढ़ते नेटवर्क को तोड़ने और युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए फाजिल्का पुलिस ने एक नई मुहिम शुरू की है। पुलिस द्वारा अब जिले के गांवों में ई-रिक्शा के जरिए लाउडस्पीकर लगाकर मुनादी (अनाउंसमेंट) करवाई जा रही है। इन ई-रिक्शा पर विशेष ‘शिकायत बॉक्स’ भी लगाए गए हैं, ताकि लोग बिना किसी डर के नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनी आवाज उठा सकें। अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी पहचान उजागर होने या दुश्मनी के डर से नशा बेचने वालों की जानकारी पुलिस को देने से कतराते हैं। इसी समस्या का हल निकालते हुए पुलिस ने ई-रिक्शा पर शिकायत बॉक्स लगाए हैं। कोई भी ग्रामीण नशा बेचने या इसका सेवन करने वालों के खिलाफ पर्ची पर लिखकर इस बॉक्स में डाल सकता है। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आएगी और सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। सेवन करने वालों का इलाज और तस्करों पर होगी कार्रवाई लाउडस्पीकर के माध्यम से गांवों में यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि गांव का कोई व्यक्ति या बाहर से आकर कोई तस्कर नशा बेचता है, तो पुलिस को सूचित करें। इसके साथ ही, पुलिस का फोकस युवाओं को बचाने पर भी है। अगर कोई युवक नशे का सेवन करता है, तो पुलिस उसका इलाज करवाकर मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास करेगी, जबकि नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने अभियान को हरी झंडी दिखाई यह विशेष अभियान फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह की अध्यक्षता में शुरू किया गया है। उन्होंने ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर गांवों के लिए रवाना किया। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के आदेशों के मुताबिक बच्चों और नौजवानों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। गांवों में घूम रहे ये ई-रिक्शा लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ नशा तस्करों की जानकारी जुटाने में पुलिस की मदद करेंगे।
