फरीदकोट में आम आदमी पार्टी ने जिलाध्यक्ष गुरतेज सिंह खोसा और विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के नेतृत्व में पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के एक साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के विरोध में प्रदर्शन किया और इन पर पंजाब के हितों के साथ विश्वासघात करने के आरोप लगाया। आप कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पार्टी छोड़कर जाने वाले राज्यसभा सांसदों के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया और उनके पुतले फूंककर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने इन नेताओं को बड़े भरोसे के साथ राज्यसभा भेजा था ताकि वे संसद में पंजाब के लोगों की आवाज बुलंद कर सकें। विधायक सेखों बोले- सांसदों का कर्तव्य था कि वे राज्य के हितों की रक्षा करते उन्होंने कहा कि इन सांसदों का कर्तव्य था कि वे राज्य के हितों की रक्षा करते, लेकिन उन्होंने इसके उलट कदम उठाते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया। विधायक सेखों ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों का दबाव बनाकर इन नेताओं को अपने साथ मिलाया है। उन्होंने कहा कि यदि ये नेता सच में ईमानदार और सिद्धांतों पर टिके होते, तो वे किसी भी दबाव से डरते नहीं और पार्टी छोड़ने की बजाय सच्चाई का सामना करते। उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं का यह कदम केवल व्यक्तिगत स्वार्थों को दर्शाता है और उन्होंने पंजाब के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। आप जिलाध्यक्ष गुरतेज सिंह खोसा व विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर ऐसे नेताओं को इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने कहा कि जनता के साथ विश्वासघात करने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा और उन्हें भविष्य में लोगों के बीच जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
