पाली नगर निगम महापौर चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने और पार्टी गतिविधियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कांग्रेस ने पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, उनकी पत्नी राजबाला हिंगड़, पाली शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हकीम भाई और वार्ड 33 से कांग्रेस प्रत्याशी रहे सोहन पारख के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की है। जिला कांग्रेस कमेटी पाली के संगठन महामंत्री जोगाराम सोलंकी ने बताया कि राजस्थान प्रदेश के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश अनुसार पाली जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा के निर्देशन एवं पाली के विधायक भीमराज भाटी म की अनुशंसा पर इनको निष्कासित करन कि कारवाई की। आदेश में कहा गया कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पाली नगर निगम महापौर पद के लिए सुमित्रा जैन को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। 18 सितंबर को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि थी। दोपहर 3 बजे तक निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया और वह कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन के खिलाफ चुनाव मैदान में बनी रहीं। कांग्रेस ने इसे पार्टी संगठन और समर्पित पार्षदों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला कदम बताया। जिला कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि पाली विधायक भीमराज भाटी की अनुशंसा पर राजबाला हिंगड़ के अलावा पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदीप हिंगड़ और पाली शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हकीम भाई, सोहन पारख को 6 साल के लिए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है। कार्रवाई के बाद पाली नगर निगम महापौर चुनाव में कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
हिंगड़ बोले– ब्लॉक अध्यक्ष को निष्कासित करने का पॉवर नहीं मामले में पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड बोले कि जिला कार्यकारणी को ब्लॉक अध्यक्ष को निष्कासित करने का पॉवर नहीं।
