राजस्थान में पूर्व विधायक और बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना (68) की हत्या को लेकर अब तक चार आरोपी गिरफ्तारी हो चुके हैं। क्रेशर प्लांट में लगे 20 सीसीटीवी के फुटेज भी अब तक पुलिस को नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश सभी फुटेज वाली डीवीआर अपने साथ ले गई हैं। दरअसल, रविवार को 12 साल पुराने क्रेशर प्लांट विवाद में बयाना (भरतपुर) के पूर्व विधायक पर 70 से ज्यादा लोगों ने हमला कर दिया था। उनके सिर तक पर नुकीले हथियारों से वार किए गए। भौंडा गांव में हुए हमले से पहले भड़ाना ने गांव के बुजुर्ग से कहा था- अब तो मरूं या मारूं, खान ही चलाऊंगा। इसके कुछ मिनटों बाद भीड़ उनके घर और ऑफिस में घुस गई थी। आरोप है कि हमलावरों ने वहां मौजूद उनकी पत्नी को भी मारने की कोशिश की थी। भास्कर टीम ने मौके पर पहुंची और मौके के हालात देखे…पढ़िए- पूरी रिपोर्ट पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम 6.30 बजे भड़ाना पर हमला हुआ था। उस वक्त क्रेशर प्लांट में बने ऑफिस से एक कमरे में थे। बड़ी संख्या में हमलावरों को देखकर भड़ाना के कर्मचारी भाग गए। हमलावरों ने पूर्व विधायक को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार- उनके शरीर पर करीब 40 जगह गंभीर चोटें थीं। सिर पर भारी और नुकीली वस्तु से चोट के निशान मिले। हड्डी टूट गई थी। एसपी राजेश मीणा ने बताया कि भड़ाना की पत्नी उस वक्त ऊपर कमरे में थी। घबराकर उन्होंने खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। हमलावरों ने उन्हें भी निशाना बनाने की कोशिश की। कमरों की खिड़कियों पर पत्थर फेंके। गेट भी तोड़ने की कोशिश की। पुलिस को गेट पर कुल्हाड़ी और फर्से के निशान मिले हैं। अब देखिए- हमले से जुड़े PHOTOS…. पूर्व विधायक की पत्नी ले गई डीवीआर, जिसमें पूरी घटना की फुटेज एसपी राजेश मीणा ने बताया कि पुलिस जब क्राइम सीन पर पहुंची, उससे पहले पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश पति और कुछ घायलों को एक कार में अपने साथ हॉस्पिटल ले गई थी। कमलेश ने जिस कमरे में खुद को बंद किया था, उस कमरे में लगी डीवीआर में 20 सीसीटीवी की फुटेज थे। मौके से निकलने के दौरान कमलेश डीवीआर भी अपने साथ ले गई। परिवार का कहना है कि कुछ दिन के बाद वह डीवीआर पुलिस को दे देंगे। कमरे के बाहर बिखरा था खून, रसोई तक में तोड़फोड़ घटना के बाद भास्कर टीम भरतपुर जिले के वैर कस्बे के भोंडा गांव में पहुंची तो नजारा रौंगटे खडे़ करने वाला था। क्रेशर के पास बने दो अलग-अलग दो मंजिला मकान तहस थे। कमरे के बाहर खून था। पास की रसोई पूरी तरह बिखरी हुई थी। देखने से पता चल रहा था कि हमले से पहले वहां खाना बनाने की तैयारी थी। आटा लगा हुआ था। बदमाश अपने साथ कुल्हाड़ी, फर्से, लोहे की रॉड और देशी कट्टा लाए। जिस जगह पर पूर्व विधायक को मारा गया, उसी के पास पुलिस को तो खोल भी मिले। प्रारंभिक जांच में यह खोल देसी पिस्टल के बताए जा रहे हैं। 12 साल पुराना है विवाद पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या 124 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित लीज के रास्ते को लेकर की गई। विवाद करीब 12 साल पुराना था। कोर्ट केस हुए, महापंचायत बैठी, लेकिन विवाद नहीं सुलझा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीज 2 साल से बंद पड़ी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साल 2012-13 से वैर थाना क्षेत्र में स्थित सिलीकस सैंड की लीज को लेकर विवाद था। सबसे पहले लीज किसी दूसरे शख्स के नाम पर थी। बाद में अतर सिंह भड़ाना भी इस लीज में पार्टनर बन गए। लीज के मूल मालिक की ओर से भी इस संबंध में मुकदमा कराया गया था। पिछले साल भी हुई थी हिंसक झड़प इस लीज पर जाने के लिए सीधा रास्ता नहीं होने के कारण लीज के मालिकों और ग्रामीणों में विवाद है। दरअसल ग्रामीण चारागाह भूमि से रास्ते को लेकर सहमत नहीं हैं। लीज मालिक ने कोर्ट जरिए रास्ता का विवाद सुलझा लिया था। इसके बाद ग्रामीण भी कोर्ट से स्टे ले आए। फिर लीज मालिक ने डबल बैंच में जाकर रास्ता खुलवा लिया। इसके बाद ग्रामीण सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले आए। फरवरी 2025 में भी इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए थे। पुलिस के अनुसार भौंडागांव के चंदर की शिकायत पर कमलेश भड़ाना व उनके कर्मचारियों पर फायरिंग और मारपीट की एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसी साल मार्च में उस मामले में एफआर लग गई। …. ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान- भाजपा के पूर्व-विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या:ग्रामीणों ने लाठी-पत्थरों से किया हमला, परिजन बोले- पुलिस मौके पर नहीं पहुंची पूर्व विधायक की हत्या के मामले में पुलिस पर भी आरोप हैं। अतर सिंह के परिवार का कहना है कि पुलिस को जानकारी देने के बाद भी वो मौके पर नहीं पहुंची। पूरी खबर पढ़िए…