पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों की ओर से 22 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल टल गई है। कर्मचारियों की ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी अनुराग वर्मा के साथ हुई बैठक में लंबित मांगों और कच्चे कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर लेने से जुड़े मामलों को हल करने पर सहमति बनी। बैठक के बाद कर्मचारियों ने 24 सितंबर तक मंत्री की मीटिंग तक टालने का फैसला लिया है। कांट्रेक्ट भर्ती पर फिलहाल रोक लगी यूनियन के प्रधान रेशमजीत सिंह ने कहा कि बैठक में कांट्रैक्ट भर्ती को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों का कहना था कि पुराने कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर लेने के लिए सरकार विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आई है, लेकिन अभी तक किसी कर्मचारी को कांट्रैक्ट पर नहीं लिया गया है। कांट्रैक्ट भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर भी कर्मचारियों ने आपत्ति जताई। बैठक में इस प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगाने की बात कही गई। पहले पुराने कच्चे कर्मचारियों पर विचार की मांग कर्मचारियों ने मांग रखी कि कांट्रैक्ट करते पहले से विभाग में काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया गया कि इसके लिए एसओपी जारी हो चुकी है और आवेदन की प्रक्रिया शुक्रवार तक पूरी करने की बात कही गई है। कर्मचारियों के मुताबिक तीन साल या उससे अधिक समय से काम कर रहे मुलाजिमों को पहले कांट्रैक्ट पर लेने पर विचार किया जाना चाहिए। इसके बाद ही बाहरी कर्मचारियों को मौका दिया जाए। बाढ़, युद्ध और कोरोना जैसी स्थिति में काम करने वालों का मुद्दा बैठक में कर्मचारियों ने यह भी कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग आवश्यक सेवाओं से जुड़ा है। बाढ़, युद्ध, कोरोना जैसी आपात स्थितियों में भी कर्मचारियों ने सेवाएं दी हैं। ऐसे कर्मचारियों के मामले में भी कांट्रैक्ट पर लेने के दौरान प्राथमिकता से विचार करने की मांग रखी गई। 1300 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के नियम बनाने की प्रक्रिया बैठक में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने से जुड़े करीब 1300 कर्मचारियों के मामले पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों के अनुसार इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं। बैठक में वित्त विभाग और पर्सनल विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने कहा कि मंत्री स्तर की बैठक में इन मामलों को लागू करने को लेकर भी चर्चा हुई है।
