जालंधर की भगत सिंह कॉलोनी से 15 सितंबर की रात गायब हुए 1-वर्षीय मासूम राजन की तलाश में परिजनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सहयोग न करने और उलटा बच्चा बेचने का आरोप लगाने का दावा करते हुए चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीरों और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। परिजनों का कहना है कि जब तक उनके मासूम बच्चे का सुराग नहीं मिलता और उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, वे शांत नहीं बैठेंगे। उधर पुलिस का कहना है कि बच्चे के लापता होने की सूचना पर पुलिस मौके पर गई । इसमे पिता ने बच्चे के मां शक जताते हुए कहा था कि वह बच्चे को कहीं ले गई है। जांच में पता चला कि मां अपने मायके बिहार गई है। उसको बुलाया गया । उसके आने पर भी बच्चे का पता नहीं चला है। इसको लेकर कार्रवाई की जा रही है। जालंधर के भगत सिंह कॉलोनी इलाके में 15 सितंबर की आधी रात को हुईं। पीड़ित पिता शंकर के अनुसार, रात करीब ढाई बजे जब उनकी आंख खुली तो उनके साथ सो रहा उनका 1 साल का सबसे छोटा बेटा राजन गायब था। शंकर ने बताया कि उनके 8 बच्चे हैं, जिनमें 3 बेटियां और 5 बेटे हैं। मासूम के अचानक गायब हो जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

बच्चे की तलाश में भटक रहे परिजन लापता बच्चे की तलाश में भटक रहे परिजनों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने थाना-1 की पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, पुलिस से मदद मिलने के बजाय उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों और फैक्टरी मालिक दीपक सूरी का कहना है कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीड़ित माता-पिता पर ही बच्चा बेचने का बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें परेशान कर रही है। एक हफ्ते तक बच्चे का कोई सुराग न मिलने और पुलिस के रवैये से तंग आकर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। आखिरकार न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित परिवार, फैक्टरी मालिक दीपक सूरी और स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर उतर आया और रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राहगीरों और प्रदर्शनकारी के बीच तीखी बहस
रोड जाम होने की वजह से मौके पर मौजूद राहगीरों और प्रदर्शनकारी के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हो गई। राहगीरों का कहना था कि बच्चे के लापता होने का उन्हें भी गहरा दुख है, लेकिन सड़क जाम करने से जरूरी कामों पर जाने वाले आम लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि वे शौक से सड़क पर नहीं उतरे हैं, बल्कि इंसाफ न मिलने और पुलिस की अनदेखी के कारण वे यह कदम उठाने पर मजबूर हुए हैं। पीड़ित पिता शंकर ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा की अगर हमने अपना बच्चा बेचा होता, तो क्या हम खुद थाने शिकायत लेकर जाते? उन्होंने बस्ती बावा खेल की घटना का हवाला देते हुए कहा कि वहां से अगवा हुए बच्चे को पुलिस ने कुछ ही घंटों में ढूंढ निकाला था, लेकिन थाना-1 की पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही है। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन परिजनों की मांग है कि जब तक राजन को सही-सलामत बरामद नहीं किया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस अधिकारी बोले- मां के साथ बच्चे को जाने का शक , एसीपी मुख्यालय जालंधर करनैल सिंह ने बताया कि 16 सितंबर को को पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 1 को जालंधर स्थित शहीद भगत सिंह कॉलोनी के पास झुग्गियों से एक एक वर्षीय बच्चे के लापता होने की सूचना पर ड्यूटी अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। बच्चे के पिता शंकर ने बताया कि अपनी मां की देखरेख में रहता था। ड्यूटी अधिकारी ने माता-पिता दोनों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा। इसके बाद बच्चे की मां ममता मौके से चली गई और वापस नहीं लौटी। शंकर ने अपनी पत्नी पर संदेह जताते हुए कहा कि उसे लगता है कि वह बच्चे को कहीं ले गई है। इसके अनुसार, डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ममता बिहार स्थित अपने मायके चली गई थी। उसके पिता के जरिए उससे संपर्क किया गया और उसे वापस बुलाया गया। बिहार से लौटने के बाद, शंकर ने फिर से पुलिस से संपर्क किया और बताया कि उसका बच्चा अभी भी लापता है और उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर 1 में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। मामले की सभी संभावित पहलुओं से गहनता से जांच की जा रही है और लापता बच्चे को तलाशने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।