Gold Investment Trend: अलमारी के लॉकर में सालों से संभालकर रखा दादी का हार हो, मां की चूड़ियां हों या शादी का सेट…भारतीय परिवारों में सोना रिश्तों की धरोहर, सुरक्षा और परंपरा का प्रतीक रहा है। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। जो गहने कभी पीढ़ियों तक विरासत के रूप में संभालकर रखे जाते थे, नई पीढ़ी के लिए यह मल्टीपर्पज एसेट बन गए हैं। यानी युवा पीढ़ी खासकर जेन-जेड और मिलेनियल्स आर्थिक सुरक्षा, निवेश, घर खरीदने, उच्च शिक्षा और उद्यम शुरू करने जैसे जीवन के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने वाली संपत्ति के रूप में देखने लगी है। भारतीय घरों में स्वर्णाभूषण को स्त्रीधन और इमरजेंसी फंड की तरह देखा जाता है, लेकिन युवा पीढ़ी इसे डेड इन्वेस्टमेंट मानती है। यही वजह है कि परिवार के पुराने गहने अब निवेश और भौतिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
