कोटा| डॉ. विनय नवीन गुलाटी ने जयपुर के महात्मा गांधी विवि में न्यूरोफिजियोकॉन में भविष्य के फिजियोथेरेपिस्ट्स को नई तकनीकों से अवगत कराया। साथ ही भविष्य में होने वाले इलाज की संभावनाएं बताईं। डॉ. गुलाटी ने बताया कि देश में स्ट्रोक यानी लकवा के मामले बढ़ रहे हैं, और स्पाइन इंजरी या स्लिप डिस्क होने के बाद कुछ मामलों में फुट ड्रॉप हो जाने के बाद पैर के पंजे में सुन्न होने के साथ पैर का उठना बंद हो जाता है, जिसका इलाज एफईएस तकनीक द्वारा संभव है।
