सिटी रिपोर्टर| कोटा राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने मंगलवार को कोटा में किसानों से संवाद किया। किसानों ने उनसे कहा कि सरकार यूरिया का प्रयोग कम करने को कह रही है। यूरिया का प्रयोग यदि कम कर देंगे तो उत्पादन कम होगा और हमें नुकसान होगा। आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी ने बताया कि रासायनिक खेती से कैंसर, शुगर, बीपी, खून की कमी जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। इसलिए सरकार प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रही है। उत्पादन पर थोड़ा असर आएगा, लेकिन उपज का भाव अधिक मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। किसानों ने एमएसपी, फसल बीमा, कृषि उपज समेत अन्य को लेकर संवाद किया। 200 किसानों ने दिए सुझाव : कार्यक्रम में 200 से अधिक किसानों ने लिखित में सुझाव दिए। ड्रोन दीदी के नाम से मशहूर दुर्गेश कुमारी ने फसलों पर छिड़काव के लिए ड्रोन के उपयोग से जुड़े सुझाव दिए। संवाद के दौरान संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार अतीशकुमार शर्मा ने बताया कि कोटा जिला जल संपदा से परिपूर्ण है। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. गणेश दाधीच ने पशुपालकों के उत्थान के लिए राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। शहर जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश जैन, सांगोद प्रधान जयवीरसिंह, निदेशक अनुसंधान कृषि विश्वविद्यालय एसके जैन, संयुक्त निदेशक उद्यान आरके जैन, उप रजिस्ट्रार सहकारिता राजेश मीणा समेत अन्य मौजूद रहे। Q. फसलें चौपट हो जाती हैं, लेकिन मुआवजा समय पर नहीं मिलता? – इसमें बदलाव कर रहे हैं। अब बीमा आधारित कर रहे हैं, ताकि हर फसल का मुआवजा समय पर मिले। Q. मंडी में एक क्विंटल पर तौल में एक किलो तक उपज कम कर देते हैं? – इसके लिए कानून ला रहे हैं। सरकार को इसका प्रस्ताव बनाकर देंगे, ताकि किसानों का नुकसान न हो। Q. एमएसपी कम होती है। जबकि, बाजार में भाव अधिक होते हैं? कांटे भी देर से लगते हैं? – खर्च के आधार पर भाव तय करने जा रहे हैं, जिस फसल पर जितना खर्च हुआ है, उतना एमएसपी निर्धारित करेंगे। आगे से तुलाई में देरी भी नहीं होगी। Q. अनुदानित बीज मिलता नहीं या फिर देरी से मिलता है? – सरकार ने इस बार समय पर पहुंचा दिया था। जहां पर दिक्कत हुई है, उसकी रिपोर्ट मंगवाएंगे। किसानों से संवाद करते राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी।

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