भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (ICAR-CAZRI), जोधपुर में डॉ. एस. पी. एस. तंवर ने कार्यवाहक निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। डॉ. तंवर देश के ख्यातनाम शस्य वैज्ञानिक (Agronomist) हैं। उनके अधिकांश शोध कार्य एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System – IFS) पर केंद्रित रहे हैं। उन्होंने किसानों की आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आकार की भूमि के लिए कई IFS मॉडल विकसित किए हैं। ये मॉडल खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में मील का पत्थर साबित हुए हैं। वर्तमान में वे तकनीकी हस्तांतरण एवं प्रशिक्षण विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। किसान समुदाय में वे अपने अनुसंधान और व्यावहारिक तकनीकों को अपनाने की सरल शैली के लिए विशेष पहचान रखते हैं। डॉ. वसंत राव नायक पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित डॉ. तंवर के उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित “Dr. Vasant Rao Naik Rashtriya Purushkaar” से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. तंवर के नेतृत्व में उम्मीद की जा रही है कि संस्थान के अनुसंधान, तकनीकी हस्तांतरण और प्रशिक्षण संबंधी कार्यों को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे शुष्क एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों के किसानों को सीधा लाभ होगा। काजरी का मनाया 67वां स्थापना दिवस इधर, बुधवार को काजरी जोधपुर का 67वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक डॉ.लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने कहा कि थार मरुस्थल में रेत उड़ने, तेज आंधियां चलने की समस्या थी । वैज्ञानिकों ने धोरों की धरती में शोध कार्य कर टिब्बों के स्थिरीकरण एवं हराभरा बनाने तथा मृदा एवं वर्षा जल संग्रहण के लिए तकनीकियों विकसित की जिससे कृषि से उत्पादन बढा एवं किसानों की आय एवं जीवन स्तर में सुधार हुआ । विशिष्ट अतिथि कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के पूर्व कुलगुरु डॉ. एल.एन. हर्ष ने कहा कि कृषि के साथ साथ पशुपालन भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर काजरी के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

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