सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग एवं चिकित्सा विभाग ने संयुक्त रूप से भारी वाहन ड्राइवरों के लिए निशुल्क नेत्र परीक्षण अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत वाहन चालकों की आंखों की जांच की जा रही है। जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने बताया कि नेशनल हाईवे पर एनएचएआई, चिकित्सा विभाग, परिवहन विभाग के उड़नदस्ता दल और बिछीवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें हाईवे से गुजरने वाले ट्रक, ट्रॉला और बस ड्राइवरों को रोककर उनकी आंखों की मौके पर ही जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि लंबी दूरी तय करने वाले वाहन ड्राइवरों में दृष्टि संबंधी समस्याएं अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। ऐसे में समय पर आंखों की जांच और उपचार से सड़क हादसों की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य चालकों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना है। शिविर के दौरान जिन ड्राइवरों की आंखों में कमजोरी, धुंधला दिखाई देना या मोतियाबिंद जैसी समस्याएं पाई जा रही हैं, उन्हें चिकित्सा विभाग की नेत्र सहायक श्रुति श्रीमाल एवं अनुषा भट्ट द्वारा उचित परामर्श दिया जा रहा है। साथ ही जरूरतमंद ड्राइवरों को चश्मा लगाने और आगे के उपचार की सलाह भी दी जा रही है। परिवहन विभाग की इस पहल को वाहन ड्राइवरों ने सराहनीय बताते हुए सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
