बाड़मेर में ट्रैक्टर ने कार को टक्कर मारी दी। हादसे में पति-पत्नी और उनके दो दिन के बेटे की मौत हो गई। ड्राइवर सहित 3 लोग गंभीर घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार के गेट तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। दो दिन पहले महिला की जिला हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। परिवार खुशी-खुशी हॉस्पिटल से घर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अचलाराम ने बताया- मौके पर लोग वीडियो बना रहे थे। हादसा रामसर इलाके के हाथमा गांव के पास मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। थानाधिकारी विक्रमदान चारण ने बताया कि हादसे में हिंगलाजराम निवासी बालेवा और उसकी पत्नी तुलसी और उनके 2 दिन के बेटे की मौत हो गई। पहले देखें हादसे की तस्वीरें… 2 दिन पहले हुई थी डिलीवरी थानाधिकारी के अनुसार, तुलसी को आज हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद हिंगलाजराम अपने घर (बालेवा) ले जा रहा था। हिंगलाजराम की दो बहनें गुड्डी निवासी तुड़बी और शायरी निवासी मोडा भी साथ मौजूद थीं। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे हाथमा गांव के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी कार की भिड़ंत हो गई। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और आगे का हिस्सा पिचक गया, जिससे कार सवार लोग अंदर ही फंस गए। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने कार का गेट तोड़कर बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। घायलों को प्राइवेट गाड़ियों और 108 एंबुलेंस से जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। लोग घायलों को हाथ नहीं लगा रहे थे प्रत्यक्षदर्शी लोको पायलट अचलाराम ने बताया- आज छुट्टी पर घर जा रहा था। मेरे खुद की फैमिली अलग गाड़ी में आगे चल रही थी। मैं पीछे चल रहा था। मैं खड़ीन फांटा से हाथमा की तरफ गया। वहां भीड़ लगी हुई थी। ट्रैक्टर रोड पर खड़ा था। एक स्विफ्ट कार गड्डे में पड़ी थी। वहां से चिल्लाने की आवाज आ रही थी। पास में बड़ी संख्या में लोग खड़े थे। लेकिन कोई भी घायलों का हाथ नहीं लगा रहे थे, पास में खड़े थे। लोग वीडियो और फोटो बना रहे थे। मैं और मेरे साथ बांकाराम और धर्माराम इन सबने मिलकर हिम्मत की। बांकाराम ने कार का दरवाजे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।
