ईदगाह आगरा से बांदीकुई जा रही मेमू ट्रेन मंगलवार सुबह 11:20 बजे खेरली (अलवर) स्टेशन से करीब साढ़े तीन किलोमीटर पहले बेपटरी हो गई। ट्रेन की दूसरी बोगी के दो पहिए पटरी से नीचे उतर गए। अचानक तेज आवाज और झटके के साथ ट्रेन रुकने पर यात्री घबरा गए। हालांकि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना की सूचना पर रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी और RPF के जवान मौके पर पहुंचे। वहीं हादसे के करीब 6 घंटे बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। अधिकारियों की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं ट्रेन के गार्ड मनोज कुमार यादव ने बताया- ट्रेन सुबह 8:50 बजे आगरा से रवाना हुई थी। खेरली से करीब 3.5 किमी पहले बिजली के खंभा नंबर 96/8 के सामने दूसरी बोगी संख्या 228236/C के दो पहिए पटरी से उतर गए। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी और RPF के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर दोपहर करीब 1 बजे एंबुलेंस भी बुलाई गई। भरतपुर-बांदीकुई रूट प्रभावित, ट्रेनें डायवर्ट हादसे के चलते भरतपुर-बांदीकुई रेल मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। 12548 गांधीधाम-आगरा छावनी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को खेड़ली से वापस बांदीकुई भेजकर, बांदीकुई-अलवर-मथुरा रूट से आगरा के लिए डायवर्ट किया गया। अन्य प्रभावित ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। नदबई से खेरली के बीच लाइन शिफ्टिंग का काम चल रहा है, हालांकि पहिए उतरने के वास्तविक कारणों की रेलवे ने फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यात्रियों की मदद को आगे आए ग्रामीण ट्रेन मोती का नंगला गांव के पास रुकी थी। तेज धूप और गर्मी में परेशान बच्चों व बुजुर्ग यात्रियों को स्थानीय ग्रामीणों ने अपने घर से ला कर पानी पिलाया। ट्रेन रुकने से कनेक्टिंग ट्रेनों में सफर करने वाले दैनिक यात्री परेशान हुए। सफर कर रहे यात्री जगदीश ने बताया- भरतपुर से बांदीकुई जा रहे थे। बांदीकुई से शाम चार बजे पोरबंदर (गुजरात) जाने के लिए रिजर्वेशन था, लेकिन ट्रेन के बेपटरी होने से अब जाना मुश्किल है। इनपुट: रोहित सिंघल