लोक संस्कृति, भारतीय परंपराओं और स्थानीय विरासत को एक मंच पर लाने के लिए टोंक में 22 सितंबर को एक दिवसीय लोक मंथन यात्रा आयोजित होगी। लोक मंथन यात्रा समिति की ओर से कृषि ऑडिटोरियम में सुबह 8 से दोपहर 12:30 बजे तक होने वाले कार्यक्रम में लोक नृत्य, पारंपरिक खेल, गुरुकुल परंपरा, योग, लोक संगीत, साहित्य और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे स्वागत एवं यात्रा आगमन से होगी। इसके बाद स्वागत गीत और सुबह 9:10 बजे सेवा भारती की ओर से पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति होगी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से ‘गुरुकुल—क्यों, क्या, कैसे’ विषय पर पॉडकास्ट मंचन किया जाएगा। क्रीड़ा भारती के सहयोग से सुबह 9:50 से 10:20 बजे तक पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच और विद्या भारती के सहयोग से नमदा सहित स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें स्थानीय कारीगरों और लघु उद्योगों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम में योग विज्ञान प्रदर्शनी के साथ अलगोजा वादन भी होगा। वहीं सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक अधिवक्ता परिषद एवं RHRD के सहयोग से ‘हम भारत के लोग’ विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें भारतीय नागरिक जीवन और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर विमर्श किया जाएगा। समापन चरण में साहित्य परिषद की ओर से लोक काव्य गोष्ठी, लोक प्रदर्शनी और पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित होगी। आयोजकों ने जिलेवासियों से पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम में सेवा भारती, क्रीड़ा भारती, विद्या भारती, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अधिवक्ता परिषद और अखिल भारतीय साहित्य परिषद सहित विभिन्न संगठनों की भागीदारी रहेगी।