जोधपुर नगर निगम की टीम बुधवार को जब एक फास्ट फूड कार्ट को हटाने लगी, तो एक बुजुर्ग JCB के आगे खड़ा हो गया। वह रोने लगा और टीम के आगे हाथ जोड़ते हुए अधिकारियों के पैर पकड़ने लगा। वह गुहार लगाते हुए कहने लगा- मैंने इसे ले जाने के लिए क्रेन बुलाई है। मुझे इसे खुद घर ले जाने दो। यह घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चला। दरअसल, नगर निगम की टीम बुधवार को शास्त्री सर्किल के चारों ओर बने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने गई थी। जब टीम बाबूदास का केबिन हटाने लगी, तो वह जेसीबी के आगे खड़ा हो गया और उसे जब्त करने का विरोध करने लगा। आखिरकार, अधिकारियों की समझाइश के बाद बुजुर्ग खुद क्रेन की मदद से अपने केबिन को हटाकर दूसरी जगह ले गया। अब देखिए, मामले से जुड़ी PHOTOS… बिन जब्त करने लगी टीम, तो हाथ जोड़कर रोने लगा बुजुर्ग नगर निगम की टीम शास्त्री सर्किल पर बने फुटपाथ से अवैध फास्ट फूड के केबिन और कार्ट को हटाने की कार्रवाई कर रही थी। यहां पर बाबूदास का भी एक केबिन था। जब उसके केबिन को हटाने के लिए टीम JCB लेकर पहुंची, तो वह पहले टीम के आगे हाथ जोड़ता रहा और मिन्नतें करते हुए कहता रहा- मैं इसे यहां से खुद हटा रहा हूं, इसे जब्त करके मत ले जाओ। लेकिन जब टीम ने उसकी बात नहीं मानी, तो उसने वहां हंगामा शुरू कर दिया और टीम के सदस्यों को अपशब्द कहने लगा। इसके बाद जब अधिकारियों ने उसे समझाया, तो वह फिर से हाथ जोड़कर रोने लगा और उनके पैर पकड़ लिए।
जेसीबी के आगे खड़ा हुआ बुजुर्ग, केबिन पर चढ़ने का किया प्रयास बाबूदास ने अपना केबिन खुद हटाने के लिए क्रेन भी बुलाई थी, लेकिन नगर निगम की टीम इसे अतिक्रमण मानते हुए जब्त करने पर अड़ी रही। इस बात पर बुजुर्ग बाबूदास जोर-जोर से रोने लगा। बुजुर्ग ने टीम के सदस्यों के आगे हाथ जोड़े और उनके पैर पकड़ने लगा। इसके बाद वह केबिन के आगे बैठ गया और अड़ गया कि इसे कहीं नहीं ले जाने दूंगा। इस बीच जब वह केबिन (कार्ट) के ऊपर चढ़ने का प्रयास करने लगा, तो वहां मौजूद एक युवक ने उसे पकड़कर नीचे उतारा। इसके बाद वह हाथ जोड़ते हुए सीधे JCB के आगे खड़ा हो गया। कहने लगा- मैं इसे खुद घर ले जा रहा हूं, मुझे ले जाने दो। नगर निगम की टीम उसे लगातार समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन वह रोता रहा। आखिरकार, अधिकारियों की समझाइश के बाद बुजुर्ग खुद क्रेन की मदद से अपने केबिन को हटाकर दूसरी जगह ले गया। बुजुर्ग का आरोप- बिना नोटिस दिए की गई कार्रवाई बाबूदास का कहना था कि वह पिछले 10 साल से यहां फास्ट फूड का कार्ट लगा रहे हैं। उन्हें इस कार्रवाई से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही किसी तरह की पूर्व सूचना दी गई। अचानक आकर केबिन हटाना गलत है। पहले ही दी गई थी चेतावनी दूसरी ओर, अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया कि शास्त्री सर्किल पर लगातार अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। यहाँ फूड कार्ट लगाने वालों को पहले ही चेतावनी दे दी गई थी। लेकिन जब उन्होंने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया, तो निगम को मजबूरन यह कार्रवाई करनी पड़ी। सीबी से उठाते समय सड़क पर गिरा केबिन, रोकना पड़ा ट्रैफिक कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने कई अवैध फूड कार्ट और केबिनों को हटाकर जब्त कर लिया। इसी दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बचा; जब एक केबिन को जेसीबी (JCB) से उठाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाला जा रहा था, तो वह अचानक असंतुलित होकर बीच सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए वहां ट्रैफिक को रोकना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर शास्त्री नगर थाने की पुलिस भी तैनात रही। वेंडर्स ने किया विरोध, स्थानीय लोगों ने जताया समर्थन फूड स्ट्रीट वेंडर्स (ठेला चालकों) ने कड़ा विरोध जताया। उनका आरोप था कि प्रशासन बिना किसी पूर्व नोटिस के यह एकतरफा कार्रवाई कर रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि इन अवैध केबिनों और ठेलों के कारण शाम के समय यहां पैर रखने तक की जगह नहीं बचती और गाड़ियां पार्क करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
