रेल यात्रियों के लिए अच्छी है क्योंकि जैसलमेर-दिल्ली-जैसलमेर रूणिचा एक्सप्रेस को दिसंबर से आधुनिक एलएचबी रैक से संचालित किया जाएगा। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 14087 व 14088 रूणिचा एक्सप्रेस दिल्ली से 9 दिसंबर और जैसलमेर से 10 दिसंबर से एलएचबी रैक के साथ चलाया जाएगा। एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुश) कोच परंपरागत आईसीएफ कोच की तुलना में अधिक सुरक्षित और आरामदायक माने जाते हैं। 16 कोच के साथ चलेगी यह ट्रेन रूणिचा एक्सप्रेस में नए एलएचबी रैक में कुल 16 डिब्बे होंगे, जो विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करेंगे। डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि इस ट्रेन में 1 फर्स्ट एसी, 1 सेकंड एसी, 3 थर्ड एसी, 5 सेकंड स्लीपर क्लास, 4 जनरल, 1 पावरकार और 1 गार्ड डिब्बा शामिल होगा। इससे यात्रियों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार श्रेणी चुनने का विकल्प मिलेगा। दिल्ली से जैसलमेर की करीब 850 किलोमीटर की यात्रा में यह ट्रेन रेवाड़ी, रींगस, फुलेरा, नावा, मकराना, डेगाना, मेड़ता रोड, जोधपुर, ओसियां, फलौदी समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है। एलएचबी रैक के फायदे एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित आधुनिक डिब्बे हैं, जो सुरक्षा और आराम, दोनों में परंपरागत कोच से बेहतर हैं। इन कोच में एंटी-क्लाइम्बिंग फीचर है, जो दुर्घटना की स्थिति में डिब्बों को एक दूसरे पर चढ़ने से रोकता है। एलएचबी कोच में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होता है जिससे यात्रा के दौरान झटके कम लगते हैं और यात्रा अधिक सहज होती है। इन डिब्बों की स्पीड कैपेसिटी 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक है, जो परंपरागत कोच से अधिक है। बेहतर वेंटिलेशन, आधुनिक शौचालय, बेहतर लाइटिंग व्यवस्था और अधिक सुरक्षित लॉकिंग सिस्टम एलएचबी कोच की अन्य विशेषताएं हैं।
