जालोर नगर परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद अब बोर्ड गठन और सभापति पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। परिषद में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से सभापति की कुर्सी का फैसला सात निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही निर्दलीयों को अपने पाले में लाने के लिए सियासी समीकरण साधने में जुट गए हैं। सभापति पद की दौड़ में भाजपा के तीन और कांग्रेस के चार पार्षदों के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। भाजपा से वार्ड-4 के नितिन सोलंकी, वार्ड-33 के जयसिंह और वार्ड-34 के श्रीकांत भूतड़ा दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस से वार्ड-20 के तरुण सोलंकी, वार्ड-32 की शोभा सुन्देशा, वार्ड-10 की सैय्यद मुमताज और वार्ड-25 के बंशीलाल माली का नाम चर्चा में है। हालांकि भाजपा से नितिन सोलंकी और कांग्रेस से तरुण सोलंकी को प्रमुख दावेदार बताया जा रहा है। 14 पार्षद माली समाज से, दोनों दलों पर दबाव
नगर परिषद में माली समाज के 14 पार्षद निर्वाचित होकर आए हैं। ऐसे में दोनों दलों में इस समाज से सभापति बनाने की मांग भी उठ रही है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद जयसिंह भी सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं। चर्चा है कि पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिलने पर वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर सकते हैं। कांग्रेस को 2, भाजपा को 7 पार्षदों की जरूरत
40 वार्ड वाली नगर परिषद में कांग्रेस के 19, भाजपा के 14 और निर्दलीय 7 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। बोर्ड गठन के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से महज दो कदम दूर है, जबकि भाजपा को सात अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा। यही वजह है कि सातों निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। पहले दिन 30 नामांकन फॉर्म उठे
सभापति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही दावेदारों की सक्रियता भी सामने आ गई। पहले दिन कुल 30 नामांकन फॉर्म लिए गए। इनमें कांग्रेस के छह दावेदारों ने 12 और भाजपा के चार दावेदारों ने आठ फॉर्म लिए। वार्ड-21 से चुनाव हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह सांखला ने भी सभापति पद के लिए नामांकन फॉर्म लिया है। इसके अलावा कई अन्य दावेदारों ने भी फॉर्म लिए हैं।