हिमाचल हाईकोर्ट ने सोने की ‘किट्टी स्कीम’ के नाम पर हुई लाखों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में जालंधर के आभूषण कारोबारियों की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि मामले की सुनवाई कुल्लू की अदालत में ही होगी। यह मामला हिमाचल के कुल्लू जिला के भुंतर के आभूषण कारोबारी नरेंद्र राणा से जुड़ा है। आरोप है कि जालंधर के व्यापारियों ने भुंतर आकर उन्हें (नरेंद्र राणा) सोने की किट्टी स्कीम में शामिल होने के लिए कहा। कारोबारी ने इस स्कीम में कुल 2,823 ग्राम सोना जमा कराया था। आरोपियों ने 64.28 लाख का सोना वापस नहीं लौटाया आरोपियों ने इसमें से 1,803 ग्राम सोना वापस कर दिया, लेकिन 1,020 ग्राम सोना वापस नहीं किया। इसकी कीमत करीब 65.28 लाख रुपए बताई गई है। कुल्लू में सुनवाई पर जताया था एतराज जालंधर के व्यापारियों ने कुल्लू की अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि उनका कारोबार पंजाब में है, इसलिए इस मामले की सुनवाई कुल्लू में नहीं हो सकती। निचली अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने भी जालंधर के व्यापारियों की दलील खारिज की हाईकोर्ट ने भी उनकी दलील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मौखिक समझौता और पूरी डील भुंतर में नरेंद्र राणा की दुकान पर हुई थी। इसलिए मामले से जुड़ी मुख्य घटना हिमाचल में हुई है और कुल्लू की अदालत को इस केस की सुनवाई का अधिकार है।
