जयपुर के चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में आज सुबह करीब 10:30 बजे बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। करीब चार घंटे से भी ज्यादा समय से लाइट नहीं आने से अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित रहीं। ब्लड बैंक, जांच सुविधाएं, ड्रग स्टोर, कॉरिडोर की लाइटें और कई अन्य व्यवस्थाएं ठप हो गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल के अधिकांश कॉरिडोर अंधेरे में डूबे रहे। वार्डों और विभिन्न विभागों तक पहुंचने में मरीजों और परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लिफ्ट बंद होने के कारण गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मरीजों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। कई जगह लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर रास्ता तलाशते नजर आए। सुबह करीब 10.30 बजे से 3 बजे तक ब्लड बैंक और जांच सेवाएं भी हुई प्रभावित बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर ब्लड बैंक पर पड़ा, जहां रक्त और रक्त अवयवों को विशेष तापमान पर मशीनों में सुरक्षित रखा जाता है। बिजली नहीं रहने से कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ीं। वहीं अस्पताल परिसर में संचालित लाइफ लाइन मेडिकेयर ड्रग स्टोर की सेवाएं भी प्रभावित रहीं। अस्पताल की कई जांच सुविधाएं भी बिजली नहीं होने के कारण बंद रहीं। एनआईसीयू में भर्ती नवजातों के परिजन हाथ से झलते रहे पंखे बिजली संकट का असर एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) और ऑपरेशन थिएटर पर भी देखने को मिला। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि आवश्यक सेवाओं को जनरेटर से जोड़ दिया गया था, लेकिन बिजली बाधित होने के दौरान मरीजों और परिजनों में चिंता का माहौल बना रहा। वार्डों में गर्मी बढ़ने के कारण कई नवजातों के परिजन हाथ से पंखा झलते दिखाई दिए। डॉक्टर लगातार मौजूद रहे और मरीजों की निगरानी करते रहे। लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर के बाहर लगी भीड़ बिजली संकट के कारण लेबर रूम की सामान्य व्यवस्था भी प्रभावित रही। ऑपरेशन थिएटर के बाहर बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन जमा हो गए। कई लोगों ने आरोप लगाया कि निर्धारित ऑपरेशन समय पर नहीं हो सके और उन्हें लगातार इंतजार करना पड़ा। अस्पताल के कॉरिडोर में बैठी एक प्रसूता ने बताया कि वार्ड के भीतर गर्मी और घुटन इतनी अधिक थी कि उन्हें बाहर आना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं होने के कारण पंखे और अन्य सुविधाएं बंद थीं, जिससे मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ गई। अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि सुबह से बिजली नहीं थी। लिफ्ट बंद होने के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई। अंधेरे में अस्पताल के विभिन्न विभागों तक पहुंचना कठिन था। उनका कहना था कि ऑपरेशन और जांच जैसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिससे इलाज में देरी हुई। सभी महत्वपूर्ण विभागों को तुरंत जनरेटर बैकअप दिया जनाना अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नूपुर लुहाड़िया ने बताया कि तकनीकी कारणों से एक फेज की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसके कारण अस्पताल के कई हिस्सों में समस्या आई। उन्होंने कहा कि अस्पताल के सभी महत्वपूर्ण विभागों को तुरंत जनरेटर बैकअप पर शुरू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि एनआईसीयू, रजिस्ट्रेशन काउंटर और अन्य आवश्यक सेवाएं जनरेटर और यूपीएस के माध्यम से संचालित होती रहीं। इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए एक विशेष ऑपरेशन थिएटर को अलग से बिजली आपूर्ति दी गई थी, जहां आवश्यक सर्जरी जारी रखी गई। डॉ. लुहाड़िया ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मौके पर पहुंच गए थे और बिजली व्यवस्था को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यदि समस्या लंबी चलती, तो मरीजों को जेके लोन अस्पताल और महिला चिकित्सालय में शिफ्ट करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। व्यवस्थाओं पर उठे सवाल राजस्थान के सबसे व्यस्त महिला अस्पतालों में शामिल जनाना अस्पताल में कई घंटों तक बिजली बाधित रहने से अस्पताल की आपदा प्रबंधन और बैकअप व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रसूताएं, नवजात और गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। — ये खबर भी पढ़ें… SMS हॉस्पिटल में 45 मिनट तक बिजली गुल:बिना सूचना काटी गई लाइट, जनरेटर भी नहीं चले; जिम्मेदार अधिकारियों को भनक तक नहीं राजस्थान के सबसे बड़ी सरकारी सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) में गुरुवार सुबह बड़ा मिसमैनेजमेंट सामने आया। हॉस्पिटल की मुख्य बिल्डिंग के करीब 30 फीसदी एरिया में अचानक बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। और सुबह 7.30 बजे से करीब 8.15 बजे तक ऐसे ही हालात बने रहे। बिना सूचना के सुबह करीब 45 मिनट तक लाइट काट दी गई। (पूरी खबर पढ़ें)