महावीर जयंती के अवसर पर मंगलवार को चित्तौड़गढ़ में जैन समाज ने भव्य शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा गांधी चौक स्थित खातर महल से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई दिगंबर जैन आचार्य श्री विद्यासागर मांगलिक धाम पहुंचकर सम्पन्न हुई। सुबह से ही अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभात फेरियां निकाली गईं, जिनमें समाज के युवा, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। लोग अहिंसा, संयम और अच्छे आचरण के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बन गया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए समाज के लोग शोभायात्रा में जैन समाज के सभी प्रमुख मंडल, महिला मंडल, युवा संगठन और धार्मिक ट्रस्ट शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहने हुए थे। पुरुष सफेद कपड़ों में और महिलाएं केसरिया साड़ियों में नजर आईं, जिससे शोभायात्रा की सुंदरता और बढ़ गई। भगवान महावीर की आकर्षक झांकी सजाई गई थी, जो लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। बैंड-बाजे, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ शोभायात्रा आगे बढ़ती रही। यात्रा गांधी चौक, गोल प्याऊ, सुभाष चौक, चंद्रलोक टॉकीज, नेहरू चौक और पुराना बस स्टैंड होते हुए मांगलिक धाम पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। पुलिस जाब्ता रहा तैनात इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन और पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे रास्ते पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और ट्रैफिक को भी अच्छे से संभाला गया। पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे, जिससे शोभायात्रा बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। प्रशासन की सतर्कता के कारण कहीं भी अव्यवस्था नहीं हुई और श्रद्धालु भी अनुशासन में नजर आए। महावीर स्वामी अहिंसा के बड़े प्रतीक रहे मांगलिक धाम में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगवान महावीर के जीवन और उनके उपदेशों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि महावीर स्वामी अहिंसा के सबसे बड़े प्रतीक थे और उन्होंने समाज को सही दिशा दिखाई। उनके बताए पंचशील सिद्धांत- ‘सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य’ आज भी लोगों के जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने ऐसे समय में जन्म लिया जब समाज में हिंसा और भेदभाव ज्यादा था, लेकिन उन्होंने अपने विचारों से लोगों को बदलने का काम किया। संतों ने दिए प्रवचन इस दौरान मेवाड़ शिरोमणि रविन्द्र मुनि, उप प्रवर्तनी साध्वी मंजुल चोटी और साध्वी प्रतिभा श्रीजी ने अपने प्रवचन दिए और लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। महिला मंडल की ओर से भगवान महावीर के जन्म पर सुंदर प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में महावीर जैन मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र दोशी, महासचिव सोहनलाल पोखरना, कोषाध्यक्ष नवीन पटवारी, जैन प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष डॉक्टर अरविंद सांखला और महिला मंडल अध्यक्ष कल्पना मेहता सहित कई लोग मौजूद रहे। सामाजिक समरसता और एकता का संदेश पूरे शहर में इस अवसर पर विशेष सजावट की गई थी। जगह-जगह तोरण द्वार लगाए गए और साफ-सफाई का ध्यान रखा गया। अलग-अलग समाज और व्यापारियों ने जलपान की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक प्रार्थना के साथ लोगों को संयम, सच्चाई और आत्मशुद्धि का संदेश दिया गया, जिससे सभी ने प्रेरणा ली।