चंडीगढ़ नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार ने मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे डडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड और कचरा प्रसंस्करण संयंत्र (Waste Processing Plant) का दौरा कर वहां चल रहे कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को डंपिंग ग्राउंड से लेगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) को जल्द से जल्द हटाने और बायो-माइनिंग के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। आयुक्त अमित कुमार ने इंजीनियरिंग विंग को मशीनों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को कहा है, ताकि कचरे की सफाई का काम बिना किसी देरी के जारी रहे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों को हो रही असुविधा को देखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दी जाए। प्लांट में मिली कमियां सूखे कचरे के प्लांट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ आए चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने पाया कि वहां कचरे के वजन का रिकॉर्ड सही ढंग से नहीं रखा जा रहा था। इसके अलावा, आने वाले कचरे की तुलना में उसका निस्तारण कम हो रहा था, जिससे वहां कचरे का ढेर जमा पाया गया। जांच में सामने आया कि आरडीएफ (RDF) टेस्टिंग और इनर्ट मटेरियल से संबंधित जरूरी दस्तावेज अधूरे थे। यह अनुबंध की शर्तों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन है। एक महीने में मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट आयुक्त ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के तहत उचित कार्रवाई करने और इन खामियों को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए हैं। निगम आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (Action Taken Report) एक सप्ताह के भीतर पेश की जाए।
