Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। साल 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI ने जिस तेजी से पैसा निकाला है, उसने बाजार के साथ-साथ रुपये की हालत भी खराब कर दी है। हालात ऐसे हैं कि घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बाजार संभल नहीं पा रहा। एनएसडीएल के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक विदेशी निवेशक सेकेंडरी मार्केट से 2.16 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। यह रकम पिछले पूरे साल 2025 के कुल आउटफ्लो से भी ज्यादा है। दूसरी तरफ प्राइमरी मार्केट में विदेशी निवेश सिर्फ 12,468 करोड़ रुपये के आसपास रहा है।