केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव के 4 निजी सचिवों को एक साथ हटा दिया गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया में इस घटनाक्रम को सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जा रहा। इस तरह से किसी कैबिनेट मंत्री के पूरे निजी स्टाफ को बदल देना कठोर प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। हालांकि सरकार और विभाग की तरफ से इस घटनाक्रम पर कोई बयान जारी नहीं किया गया। ये ऑर्डर 3 जुलाई को जारी किए गए थे। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुख्य निजी सचिव 6 साल से मंत्री के साथ थे कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की मंजूरी के बाद अलग-अलग आदेश जारी किए गए। इसमें भूपेंद्र यादव के मुख्य निजी सचिव अमर सिंह को हटाकर उनके मूल कैडर में भेज दिया गया। अमर सिंह 2010 बैच के आईआरएस-आईटी अधिकारी हैं। यादव जब साल 2021 से 2024 तक श्रम मंत्री रहे, तब भी सिंह उनके निजी सचिव थे। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद यादव के पर्यावरण मंत्री बनने पर अमर सिंह को फिर निजी सचिव नियुक्त किया गया था। दो निजी सचिवों की सेवा समाप्त इसके अलावा मंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेश कुमार सिंह को समय से पहले ‘एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ’ के साथ उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया है। वहीं अतिरिक्त निजी सचिव आयुष सारण और सहायक निजी सचिव सिद्धार्थ यादव की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट उधर, मामले को लेकर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश और राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया ‘X’ पर पोस्ट किया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के स्टाफ के चार सदस्यों को बर्खास्त किए जाने की खबर चौंकाने वाली है। यह किसी से छिपा नहीं है कि मोदी शासन में इस तरह की नियुक्तियां कैसे की जाती हैं। क्या बिना आग के इतना धुआं उठ सकता है?क्या यह प्रधानमंत्री की चंदा दो, धंधा लो…— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 7, 2026 केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद श्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव तथा दो अतिरिक्त निजी सचिवों को हटाए जाने की खबर राजस्थान समेत पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री के स्टाफ में कौन शामिल होगा और किसे हटाया जाएगा, यह निश्चित रूप से केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है…— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) July 7, 2026
