राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम द्वारा कालीसिंध थर्मल झालावाड़ में 500 मेगावाट (एमवीए) क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके लगने से कोटा के मोड़क सहित झालावाड़ जिले के किसानों को रात के बजाय अब दिन में बिजली मिल सकेगी। यहां पहले 315 मेगावाट का ट्रांसफार्मर लगा था। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देश पर इसे बदलकर 500 मेगावाट का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके लगने से हाड़ौती क्षेत्र को तकरीबन 150 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली मिल सकेगी। लोड सेंडिंग की समस्या खत्म होगी। प्रसारण निगम के एसई सुनील श्रोत्रिय ने बताया कि उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगने से संपूर्ण हाड़ौती क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु करने में मदद मिलेगी। पहले किसानों को 8-8 घंटे के 3 ब्लॉक में बिजली दी जाती थी। किसानों को सर्दी, गर्मी, बरसात के समय रात को बिजली का इंतजार करना पड़ता था। अब 500 मेगावाट का ट्रांसफार्मर लगने से दिन में ही 8-8 घंटे के 2 ब्लॉक में सप्लाई दी जाएगी। यानी जिन उपभोक्ताओं को पहले रात के ब्लॉक में बिजली सप्लाई दी जाती थी। उन्हें अब दिन के समय ही बिजली की सप्लाई दी जा सकेगी। इसके लगने से कोटा के मोड़क, झालावाड़, भवानीमंडी, इकलेरा के काश्तकारों को राहत मिलेगी।
कोटा संभाग में राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम की ओर से स्थापित 500 एमवीए का पहला ट्रांसफॉर्मर है। जो थर्मल से जुड़ा है।इस काम की अनुमानित लागत 40 करोड़ के आसपास है।

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