जोधपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में बिजली कटौती, पानी की समस्या और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहे। लोगों ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि पानी माफिया सरकारी पानी चोरी कर बेच रहे हैं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 149 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। संबंधित अधिकारियों ने संबंधित मामलों में कार्रवाई के निर्देश देते हुए लोगों को समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। गड़बड़ियों का मामला भी सामने आया जनसुनवाई में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग(डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के टेंडर में हेरफेर करने को लेकर भी परिवादी ने शिकायत दी। बताया कि टेंडर में अधिकारियों ने गड़बड़ी करते हुए चेहते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया। वहीं आंगनवा में अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर भी लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि आंगनवा में बेशकीमती भूमि पर माफिया कब्जा कर रहे हैं। अतिक्रमण को हटाने की कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सरकारी पानी चोरी करके बेच रहे पानी माफिया इधर, जोधपुर में भीषण गर्मी के बीच कहीं इलाकों में पानी की सप्लाई सुचारू नहीं हो रही है, इसे लेकर भी लोग जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और उन्हें बताया कि कई कॉलोनियों में पानी की सप्लाई समय पर नहीं हो रही है, जिसकी वजह से विकट समस्या आ खड़ी हुई है। जबकि पानी माफिया सरकारी पानी ही चोरी करके बेच रहे हैं। जनसुनवाई में आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी पहुंचा। उसने बताया कि उसके पास रहने के लिए घर और इलाज के लिए भी पैसे नहीं है। ऐसे में जिला कलेक्टर ने उनके पुनर्वास को लेकर निर्देशित किया। बैठक में विधायक अतुल भंसाली और सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि हर प्रकरण को गंभीरता और उत्तरदायित्व से निपटाया जाए, ताकि जनविश्वास और सुशासन को बल मिले।