उदयपुर में सीएमएचओ के निर्देशन में चलाए जा रहे शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत सेक्टर-14 स्थित हिमालय डेयरी से पनीर और दही के 2 सैम्पल लिए गए। साथ ही मिडियम फेट पनीर के 5 किलोग्राम वाले 5 पैकेट मिले। जिन पर किसी प्रकार की निर्माण और एक्सपायरी तिथि, बैच नंबर आदि नहीं लिखा था। ऐसे 24 किलो मिडियम फैट पनीर को नष्ट कराया गया। फूड इंस्पेक्टर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया- निरीक्षण में कई अनियमिताएं मिली। मौके पर फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड नहीं था। फर्म पर कार्यरत फूड हैंडलर्स के मेडिकल रिपोर्ट नहीं पाई गई। पानी की रिपोर्ट भी नहीं थी। साथ ही पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट भी नहीं पाई गई। पनीर पर दबाव डालकर रखने वाले लोहे के टुकड़ों पर जंग लगी थी और पनीर पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। ये विक्रेता बिना मेन्युफेक्चरिंग लाइसेंस लिए खुदरा और थोक लाइसेंस के आधार पर मिडियम फैट पनीर पैकिंग बेच रहा था। इस पर तुरंत पैकिंग बंद करने के लिए पाबंद किया गया। त्योहारी सीजन में क्वालिटी-सफाई का ध्यान रखें व्यापारी: सीएमएचओ सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया- त्योहारी सीजन के मद्देनजर जिले में निरीक्षण और सैंपल लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य कारोबारियों से अपील की जाती है कि वे त्योहारी सीजन में क्वालिटी, साफ सफाई और हाइजीन का ध्यान रखें। बिना लाइसेंस के कारोबार नहीं करें। पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की जाती है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सामग्री के लेबल पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और निर्माता का पूरा पता देखकर ही खरीदें। मिलावट की आशंका पर तुरंत चिकित्सा विभाग को सूचना दें। या राज्य सरकार के सुगम पोर्टल 181 पर भी शिकायत की जा सकती है।
