तरनतारन के लोहका गांव की रहने वाली नगीता की आर्मेनिया में बीमारी के कारण मौत हो गई। वह रोजी-रोटी कमाने के लिए विदेश गई थी। परिवार के अनुसार, बी.ए. करने के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण नगीता ने आर्मेनिया जाने का फैसला किया था। लगभग एक साल पहले परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए 4.45 लाख रुपये खर्च किए थे। कुछ दिन पहले बीमारी के चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार ने बताया कि उन्होंने इलाज के लिए भी पैसे भेजे थे। नगीता छह बेटियों में से एक थी। सरपंच ने की परिवार की मदद करने की अपील गांव के सरपंच गुरजीत सिंह ने एनआरआई वीर, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से परिवार की मदद करने की अपील की है। परिवार ने भारत सरकार, पंजाब सरकार और समाजसेवियों से नगीता के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने में सहायता का अनुरोध किया है, ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें और अंतिम संस्कार कर सकें।
