बूंदी के जिला जनना अस्पताल में एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। शुक्रवार को उन्होंने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई है। ज्ञापन के मुताबिक कविता कुमावत पत्नी भागचंद कुमावत को 16 सितंबर को जिला जनना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन उनका ऑपरेशन हुआ। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ देर बाद कविता को वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके बाद उन्हें बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी। ज्यादा ब्लीडिंग से गई जान
परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। लेकिन उनका आरोप है कि समय पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे कविता की हालत बिगड़ती चली गई।
गंभीर हालत होने पर उन्हें कोटा रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि कविता की पहले भी सामान्य डिलीवरी हो चुकी थी। ऑपरेशन से पहले वह पूरी तरह स्वस्थ थीं। उनका कहना है कि यह घटना डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता भी दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में भागचंद कुमावत, हीरालाल, अशोक, गोपाल, करण, राधेश्याम, बंशीलाल और मुकेश कुमावत शामिल थे। इनके साथ कई ग्रामीण भी मौजूद रहे।