अमृतसर में दिवाली के त्योहार पर बीएसएफ के खासा कैंपस में दिवाली मेले का आयोजन किया गया। मेले में जवानों और उनके परिवारों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पूरे परिसर में त्योहार का माहौल देखने को मिला। मेले का मुख्य उद्देश्य जवानों और उनके परिवारों को एक साथ त्योहार मनाने का अवसर देना और आपसी मेलजोल को बढ़ावा देना रहा। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी प्रोत्साहित किया गया। मेले में दिवाली की पारंपरिक झलक देखने को मिली। आयोजन के जरिए एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। मेले में लोगों ने एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। डीआईजी एसएस चंदेल की पत्नी ने किया उद्घाटन मेले का उद्घाटन डीआईजी एसएस चंदेल की पत्नी ने रिबन काटकर किया। इस दौरान उन्होंने सभी को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उनके हाथों मेले का शुभारंभ होने के साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आयोजन को दिवाली की पारंपरिक भावना के अनुसार तैयार किया गया था। इसमें त्योहार के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को भी दर्शाया गया। दिवाली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भावना और खुशहाली का प्रतीक भी है। इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए बीएसएफ की ओर से यह आयोजन किया गया। भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया इस तरह के कार्यक्रमों से सुरक्षा बलों के जवानों और उनके परिवारों को एक साथ समय बिताने का मौका मिलता है। साथ ही आपसी संबंध मजबूत होते हैं और परिवारों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। खासा कैंपस में आयोजित इस मेले ने भी मिलजुलकर त्योहार मनाने और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।