बीकानेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत के आंकड़े से दो सीट ज्यादा हासिल की हैं। लेकिन वार्ड 50 से कांग्रेस के टिकट पर जीते पार्षद नवरतन डागा ने पार्टी से बगावत कर दी है। डागा ने मेयर पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने निर्दलीय पार्षदों को अपने-अपने पक्ष में करने की कवायद तेज कर दी है। वहीं कांग्रेस ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर दी है। बुधवार को हुए नामांकन के बाद मेयर पद के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने अनिल कल्ला को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने सुरेंद्र सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद नवरतन डागा ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया है। डागा ने कांग्रेस के सिंबल से भी नामांकन दाखिल किया था। सिंबल नहीं मिलने की स्थिति में उनका कांग्रेस वाला पर्चा खारिज होगा, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल नामांकन बना रहेगा। यदि वे नाम वापस नहीं लेते हैं तो मेयर पद के चुनाव में उनकी दावेदारी कायम रहेगी। अब पढ़िए- दावेदारों की प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण
विरासत में मिली राजनीति, शुरू से सक्रिय रहे अनिल कल्ला
कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला लंबे समय से राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उनके पिता जनार्दन कल्ला पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला की स्थानीय राजनीति को संभालते रहे हैं। अनिल कल्ला राजीव यूथ क्लब का संचालन कर रहे हैं। क्लब के माध्यम से उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक आयोजन भी किए। हाल ही में अनिल कल्ला को शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने मदन गोपाल मेघवाल को शहर अध्यक्ष बनाया। अब मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी में अनिल कल्ला का कद भी बढ़ गया है। ABVP से मेयर पद की दावेदारी तक पहुंचे सुरेंद्र
भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत भी छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति में आए हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP) से जुड़े रहे हैं। कॉलेज की राजनीति के बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के समर्थक के रूप में भी उनकी पहचान रही। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई। सुरेंद्र सिंह शेखावत पंचशती सर्किल पर कब्जे तोड़ने के खिलाफ चले आंदोलन की अगुवाई भी कर चुके हैं। राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए भी वे सक्रिय रहे हैं। विवाद के बाद चर्चा में आए नवरतन डागा
नवरतन डागा बिजनेसमैन हैं और कांग्रेस की विचारधारा के साथ काम करते रहे हैं। वार्ड 50 से कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद टिकट के दावेदार मोहित अरोड़ा नाराज हो गए थे। इसी दौरान अरोड़ा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के बीच मारपीट का वीडियो सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। भाजपा की सोशल मीडिया विंग ने इस घटना को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। अब उसी वार्ड से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले नवरतन डागा के मेयर पद के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल करने से कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। शहर अध्यक्ष ने की अनिल कल्ला के समर्थन की अपील
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अधिकृत मेयर प्रत्याशी अनिल कल्ला हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों से अनिल कल्ला को पूर्ण सहयोग और समर्थन देने की अपील की है। जैसलमेर में कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी
डागा की बगावत के बाद कांग्रेस ने अपने पार्षदों की निगरानी बढ़ा दी है। कांग्रेस के पार्षदों को बीकानेर से जैसलमेर ले जाया गया था और उन्हें 21 सितंबर तक वहीं रखने की बात सामने आई है। पार्टी खेमे में पार्षदों से बाहरी संपर्क सीमित रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। कांग्रेस खेमे में कुछ निर्दलीय पार्षदों के भी होने की चर्चा है, हालांकि पार्टी स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मेयर प्रत्याशी अनिल कल्ला ने भी इसे पार्टी की रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा था कि रणनीति सार्वजनिक नहीं की जा सकती। ……………………………. बीकानेर निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस को बहुमत, 42 सीटें जीती:भाजपा पिछड़ी; पूर्व मेयर हारी, पूर्व मंत्री के भतीजे जीते, पढ़िए- पूरा रिजल्ट बीकानेर नगर निगम के 80 नवनिर्वाचित पार्षदों की पूरी प्रोफाइल:कहीं 26 तो कहीं 2398 वोटों से जीते प्रत्याशी; जानिए- किस वार्ड में कितना रहा मार्जिन बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड, मेयर कौन?:कल्ला, डोटासरा और नाहटा सहित 6 नाम दौड़ में, पढ़ें- किसके पक्ष में समीकरण
