US Iran War: पश्चिम एशिया में जारी संकट से देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। जंग के कारण सप्लाई चेन में रुकावट है और गैस की किल्लत से कच्चे माल की कीमतें बढ़ रही हैं। खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित होने से एमएसएमई कंपनियां सबसे ज्यादा संकट में हैं। इस युद्ध के आर्थिक असर को देखते हुए केंद्र सरकार उद्योग जगत के लिए 2.50 लाख करोड़ रुपए की एक नई क्रेडिट गारंटी योजना तैयार कर रही है। यह प्रस्तावित योजना कोरोना काल में लाई गई ‘इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) की तर्ज पर तैयार की जा रही है। इस स्कीम का उद्देश्य उन सेक्टर्स को राहत देना है जो मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने उद्योग जगत से संपर्क किया है और उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने को कहा है।
